रबी के सीजन में किसानों के लिए राहत भरी खबर है। चना, मटर, सरसों और गेहूं के बीज पर इस बार उन्हें 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। जिले के सभी राजकीय बीज भंडारों एवं पंजीकृत दुकानों से बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। सब्सिडी किसानों के खाते मेें भेजी जाएगी। कोरोना काल में शासन की इस पहल से आर्थिक तंगी से परेशान किसानों को रबी की बुवाई करने में काफी आसानी होगी।
जिले में इस बार खरीफ की फसल का दायरा 1 लाख 31 हजार हेक्टेअर है। लगभग इसी अनुपात मेें रबी की भी खेती होने की उम्मीद है। करीब एक लाख हेक्टअर में गेहूं की फसल की बुवाई होती है। जबकि दलहन, तिलहन व आलू की खेती का दायरा लगभग 30 हजार हेक्टेअर है। कोरोना के दौर में महंगाई बढ़ने के कारण खेती-किसानी की लागत भी बढ़ गई है।
डीजल के दाम बढ़ने से खेत की जुताई महंगी हो गई है। बीज के दाम भी आसमान पर हैं। इन सबके बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर है। इस बार रबी के सीजन में फसलों की बुवाई करने के लिए किसानों को बीज की खरीद में काफी सहूलियत मिलेगी। कोरोना काल में किसानों को बीज में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। विभागीय अफसरों का कहना है कि जिले के सभी राजकीय बीज भंडारों एवं पंजीकृत दुकानों पर बीज उपलब्ध हैं। चना, मटर, सरसों के साथ गेहूं के बीज पर किसानों को पचास प्रतिशत छूट मिलेगी।
दुकानों पर किसानों का पूरा पैसा देना होगा। बाद में पचास प्रतिशत सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि जिले के सभी राजकीय बीज भंडारों पर बीज की उपलब्धता है। किसानों को 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
अगेती खेती करने वाले किसानों को होगा फायदा
आम तौर पर राजकीय बीज भंडारों पर बीज की उपलब्धता अक्तूबर माह में होती थी, मगर इस बार बीज सितंबर माह में ही आ गए हैं। इससे अगैती खेती करने वाले किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी। वह समय से फसलों की बुवाई कर सकेंगे।
छूट के लिए ये डाक्यूमेंट जरूरी
बीज की खरीदारी करते समय किसानों को आधारकार्ड, खतौनी व बैंक पासबुक ले जाना जरूरी है। इसी के आधार पर उन्हें बीज दिया जाएगा। जिससे बाद में सब्सिडी बैंक खाते में भेजी जा सकेगी।
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