महामारी कोरोना वायरस से अब तक 9 डॉक्टर, 16 नर्स समेत 46 स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमितों में सीएमओ आफिस के ज्यादातर कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर लोग अब रिकवर हो चुके हैं।
बीते दो माह के अंदर सीएचसी और पीएचसी पर तैनात नौ डॉक्टरों के साथ ही 16 नर्स, चार एएनएम संक्रमित हो गईं। तीन फार्मासिस्ट के साथ संत एंथोनी के नोडल अफसर रहे डिप्टी सीएमओ डॉक्टर डीके वर्मा, मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता, एआरओ आरपी और आरजी चौधरी, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी राकेश प्रताप सिंह, आयुष्मान भारत योजना के अफसर विवेक मिश्र और अंजनी श्रीवास्तव, लिपिक गंगा बाबू, अश्वनी पांडेय, भानु समेत 46 स्वास्थ्यकर्मी अब तक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।
इन संक्रमितों में सात एलटी भी शामिल हैं। रानीगंज सीएचसी का एलटी दूसरी बार संक्रमित हुआ और स्वस्थ होकर वह फिर से काम पर आ गया।
घबराए नहीं, इलाज कराएं
कोरोना से जंग जीतकर लौटे कोरोना योद्धाओं का कहना है कि संक्रमित होने के बाद घबराने की जरूरत नहीं है। समय रहते जांच और इलाज कराने से आप आसानी से इससे जंग जीत सकते हैं। इस बीमारी से बचने के लिए मास्क जरूरी है। सामाजिक दूरी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
संक्रमित हुए चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी तरह स्वस्थ हैं। वे अपनी सेवा भी दे रहे हैं। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। इससे जंग लड़ने के लिए अपनी ताकत बनाकर रखें। प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए गुनगुना पानी पिएं। काढ़ा के साथ गिलोय का रस, आंवला के जूस का सेवन करना चाहिए।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।