जिले के राजकीय शिक्षकों का खजाना खाली हो गया है। दीपावली के त्योहार पर भी वेतन मिलने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में शिक्षकों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऐसा कई सालों के बाद हुआ है कि राजकीय शिक्षकों का वेतन देने के लिए कोष में धन की कमी हो गई है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के जीआईसी, जीजीआईसी और उच्चीकृत राजकीय हाईस्कूलों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों को दीपावली त्योहार पर वेतन मिलना मुश्किल है। ऐसा राजकीय कोष खाली होने के कारण होगा। जिले के उच्चीकृत जीआईसी में चार-चार माह से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है, जीआईसी और जीजीआईसी में तैनात शिक्षकों को अक्तूबर के वेतन के लिए समस्या खड़ी हो गई है। इससे शिक्षकों का त्योहार फीका हो सकता है। हालांकि ऐसा कई वर्षों के उपरांत हुआ है कि राजकीय शिक्षकों के लिए बजट खत्म हुआ है। राजकीय शिक्षक संघ के जिला महामंत्री राजकुमार सिंह ने लेखाधिकारी से मिलकर दीपावली के पहले वेतन भुगतान करने की मांग की है। चेताया है कि वेतन नहीं मिला, तो कार्य बहिष्कार होगा। इधर लेखाधिकारी अखिलेश कुमार पटेल ने बताया कि 28 सितंबर को डिमांड भेजी गई है। दीपावली के पहले बजट मिलने की संभावना है।