डाक विभाग बैकिंग के क्षेत्र में हाईटेक पहल शुरू करने जा रहा है। विभाग के इंडिया पोस्ट बैंक द्वारा पेपरलेस बैकिंग की पहल शुरू की गई है। इसके तहत स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने वाले जिले के 36 हजार लोगों के खाते खोले जाएंगे। वह अपनी मोबाइल से ही लेनदेन, खरीद आदि कर सकेंगे। कैश लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी।
जिले के प्रधानडाकघर से 44 उपडाकघर व 320 शाखाडाकघर जुड़े हुए हैं। जिलेभर में करीब 6 लाख से अधिक लोग डाकघर की विभिन्न योजनाओं से जुड़े हुए है। करीब एक साल से डाकघर बैंकिंग के क्षेत्र में तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है। विभाग ने घर-घर बैंकिंग की सुविधा देने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की स्थापना की है। इसके तहत 1 लाख रुपये तक का लेन-देन आसानी से किया जा सकता है।
जिलेभर के सभी उपडाकघर व शाखाडाकघर से जुड़े शहरी व ग्रामीण उपभोक्ताओं को सुविधा देने के लिए विभाग ने पोस्टमैन व डाकसेवकों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराया है। जिससे कि पेपरलेस बैंकिंग भी शुरू की जा सके। बगैर कागज, पेपर के ही असानी से खाता खोले जा सके। विभाग ने स्मार्ट फोन रखने वाले जिले 36 हजार लोगों को पेपरलेस बैङ्क्षकंग से जोडने का लक्ष्य रखा है।
स्मार्ट फोन के जरिए इनका खाता खोला जाएगा। इसके बाद ग्राहकों के स्मार्ट फोन में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का एप डाउनलोड किया जाएगा। ताकि वह घर बैठे ही लेन-देन अपने स्मार्टफोन के जरिए कर सकेें। इसी एप के जरिए वह दुकानों पर खरीदारी भी कर सकते हैं।
कैश लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी। इसकी जिम्मेदारी गांव में तैनात जीडीएस व पोस्टमैन को दी गई है। सीनियर पोस्टमास्टर एसके बुनकर ने बताया कि पेपरलेस बैंङ्क्षकग की दिशा में पहल शुरू कर दी गई है। कार्य प्रगति पर है।
अंगूठा लगाते ही खुल जाएगा खाता
खाता खोलने के लिए न तो आधारकार्ड और न ही पैनकार्ड सहित अन्य चीजों की आवश्यकता पड़ेगी। जीडीएस व पोस्टमैन को इसके लिए स्मार्ट फोन के साथ बायोमैट्रिक मशीन दी गई है। विभाग की मानें तो खाता खोलने के दौरान स्मार्ट फोन से मशीन को कनेक्ट किया जाता है। मशीन में जैसे ही अंगूठा लगता है, वह उस व्यक्ति के आधारकार्ड को लिंक करते हुए सारी औपचारिकता पूर्ण कर लेती है। इसके बाद खाताधारक के मोबाइल में एप को डाउनलोड किया जाता है।