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नकल पर नकेल कसने की नई तैयारी, बदले जाएंगे स्टेटिक मजिस्ट्रेट

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नकल पर लगाम लगाने की तैयारी, बदले जाएंगे स्टेटिक मजिस्ट्रेट
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लालगंज और कुंडा में खाक छानते रहे अफसर
सदर, पट्टी, रानीगंज में हो रही है साइलेंट नकल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नकल पर लगाम लगाने के लिए यूपी बोर्ड नये सिरे से तैयारी की जा रही है। डीएम ने जिले के 210 केंद्रों पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को फेरबदल करने को कहा है। इधर, नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए अफसर दिन भर लालगंज और कुंडा के कॉलेजों में निरीक्षण करते रहे, जबकि सदर, पट्टी और रानीगंज में नकल माफिया साइलेंट नकल कराने में व्यस्त रहे।
यूपी बोर्ड परीक्षा में सांगीपुर में बाहर लिखी जा रही कॉपियों का खेल उजागर होने के बाद डीआईओएस ने नकल रोकने को पूरी ताकत झोंक दी है। डीएम ने भी सभी स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को इधर से उधर करने को कहा है। शुक्रवार को डीआईओएस की पूरी टीम लालगंज और कुंडा तहसीलों में जमी रही। डीआईओएस एसपी यादव ने बताया कि नकल विहीन परीक्षा कराने का प्रयास किया जा रहा है। जहां से भी सूचना मिलती है, पहुंचकर हकीकत खोजने का प्रयास किया जाता है।
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संकलन केंद्रों के लिए प्रभारी नामित
बोर्ड कॉपियों को जमा करने के लिए बनाए गए संकलन केंद्रों पर डीआईओएस ने प्रभारियों को नामित किया है। रामराज इंटर कॉलेज पट्टी में जीआईसी के प्रभारी प्रिंसिपल सालिकराम प्रजापति, कुंडा स्थित तुलसी इंटर कॉलेज जमेठी में जीआईसी की शिक्षिका रीना राना, प्रमोद गुप्ता, लालगंज के राम अंजोर मिश्र इंटर कॉलेज में जयकरन सिंह, नलिनकांत उपमन्यु, रानीगंज स्थित स्वामी करपात्री इंटर कॉलेज में कूराडीह के प्रभारी प्रिंसिपल लाल बहादुर यादव को प्रभारी नामित करते हुए अपनी मौजूदगी में कापियां जमा कराने को कहा है।

अध्यापिका के घर में लटका ताला, मामले को दबाने में लगी पुलिस
नेताओं की शरण में पहुंचे नकलमाफिया, सरगना के नाम का नहीं हुआ खुलासा
सांगीपुर (ब्यूरो)। अध्यापिका की गिरफ्तारी कर नकल माफियाओं के नाम का खुलासा करने का सांगीपुर पुलिस इंतजार करती रह गई, और अध्यापिका रामलली सिंह के घर ताला लटक गया। इधर, नकल माफिया जेल जाने की भय से नेताओं की शरण में पहुंच गए हैं। यही वजह है कि पुलिस मामले की लीलापोती करने में जुटी हुुई है। पुलिस की लापरवाही चलते पांच दिन बाद भी नकल माफियाओं का नाम उजागर नहीं हो पाया है।
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सांगीपुर पुलिस ने 18 फरवरी को राजेंद्र गुप्ता के घर से लखहरा गांव निवासी अध्यापिका रामलली सिंह उनकी बेटी ज्योति सिंह, राजेंद्र गुप्ता की बेटी नेहा और प्रिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। घटना स्थल से अध्यापिका रामलली सिंह फरार हो गई थी, जबकि तीनों छात्राएं गिरफ्तार हुई थी। सांगीपुर के पुलिस घटना के बाद से ही नामजद अध्यापिका रामलली सिंह को गिरफ्तार करने की बात तो कह रही हैं, मगर वह इस दिशा में कोई प्रयास नहीं कर रही है। शुक्रवार को सांगीपुर कोतवाल ने बताया कि अध्यापिका के घर में ताला लटक रहा है। घर के लोग फरार हैं, उन्होंने दावा किया कि अध्यापिका की गिरफ्तारी के बाद ही नकल माफियाओं के नाम का खुलासा हो सकता है। उन्होंने बताया कि बराबर दबिश दी जा रही है, मगर, अभी तक कोई सुराग नहीं लग पा रहा है।
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