किसान सम्मान योजना में आवेदन करने वाले अधिवक्ताओं को लगा झटका
अपात्रों की श्रेणी में शामिल हुए यूपी बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने वाले वकील
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में उन अधिवक्ताओं को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिन्होंने यूपी बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करा रखा है। जिन वकीलों ने आवेदन किया था उनका नाम साफ्टवेयर अपात्रों की सूची में डाल रहा है। फिलहाल जिन किसानों का डाटा फीड हो गया है, उनके खाते में 24 फरवरी को पहली किश्त का भुगतान हो जाएगा। 24 फरवरी को ही प्रधानमंत्री गोरखपुर में योजना का शुभारंभ करेंगे।
जिले के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पहली किस्त का दो-दो हजार रुपये देने के लिए इन दिनों डाटा फीडिंग की जा रही है। योजना के लिए आवेदन करने वाले उन अधिवक्ताओं का नाम बाहर किया जा रहा है, जिन्होंने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन करा रखा है। दरअसल में जिले के कुछ ऐसे किसान हैं, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन तो करा रखा है, मगर वह वास्तव में वकालत नहीं करते हैं।
केंद्र सरकार ने लौटाया 74,000 किसानों का डाटा
डाटा फीडिंग में गड़बड़ी, राजस्व विभाग में अंकित नाम और बैंक के नाम में अंतर होने पर केंद्र सरकार ने 74,000 किसानों का डाटा वापस करके ठीक करने को कहा है। इससे विभागीय अधिकारियों की मुसीबत बढ़ गई है।
जिले के किसानों का जो डाटा फीड किया गया था, उसमें से गलत डाटा वाले किसानों का आवेदन लौटा दिया गया है। जिले के वकीलों को पहले ही योजना से वंचित किया गया था। जिन्होंने आवेदन किया है, उन्हें साफ्टवेयर अलग कर दे रहा है।
धीरेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ।