गली-गली झोलाछाप, कार्रवाई महज 20 के खिलाफ
सीएमओ खुद नहीं देते ध्यान, कर्मचारी जांच के नाम पर करते हैं वसूली
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जनपद के हर इलाके में झोलाछाप दुकान खोलकर बैठे हैं। बड़े मर्ज का भी इलाज करने का दावा करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं। सीएमओ को कुछ भी दिखाई नहीं देता है। तभी तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर इनके खिलाफ कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाते। बीते मार्च से लेकर अब तक महज 20 झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। मजे की बात यह है कि इसके बाद भी इनकी दुकान चल रही है।
जनपद में अनगिनत झोलाछाप दुकान सजाकर बैठे हैं। दर्जनों ऐसे हैं जो शहर में सीएमओ की नाक के नीचे तीन बेड का क्लीनिक बनाकर मरीजों को भर्ती कर इलाज कर रहे हैं। मगर इस ओर सीएमओ कभी ध्यान नहीं पड़ता है। इलाज के नाम पर झोलाछाप मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इनमें से कई तो ऐसे हैं जो सिर्फ हाईस्कूल या फिर इंटर पास हैं। गली-मोहल्लों में दुकान सजाकर बैठे कुछ झोलाछाप डॉक्टर फोड़ा-फुंसी और पाइल्स का ऑपरेशन कर ठीक करने के लिए मरीजों से ठेका तक ले लेते हैं। मरीजों से मोटी रकम वसूला करते हैं। ठीक से इलाज न होने के कारण मरीज दम तोड़ तोड़ देते हैं। इसके बाद भी सीएमओ इस ओर खुद ध्यान नहीं देते हैं। यदि झोलाछाप के इलाज से किसी की हालत बिगड़ती है तो वह कई बार सीएमओ आफिस में इसकी शिकायत करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। जांच के लिए टीम गठित कर डिप्टी सीएमओ अपने करीबी स्वास्थ्य कर्मचारियों को भेज देते हैं। एक झोलाछाप ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि प्रति माह स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके सेंटर पर जांच करने के लिए पहुंचती है। नाश्ता पानी के बाद बाकायदा जेब गर्म करनी पड़ती है।
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नौ माह में 20 झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई का दावा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीम प्रत्येक ब्लाक में भ्रमण करती रहती है। झोलाछाप के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही मुकदमा दर्ज करवाने के लिए सीएमओ ने आदेश दिया है। मगर टीम झोलाछापों के पास पहुंचकर बैठ जाती है। चाय-नाश्ता करने के बाद लौट आती है। बीच में विधानसभा में एक विधायक ने इस पर अपनी आवाज उठाई और स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मांगी तो सीएमओ ने तत्काल बीस चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया।
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सबसे ज्यादा इन बाजार में झोलाछाप
कोहड़ौर, मंगरौरा, रानीगंज, बीरापुर, सुलतानपुर गाजीबाग, दुर्गागंज, पट्टी, सैफाबाद, अमरगढ़, मानधाता, विश्वनाथगंज, लीलापुर, अंतू, राजगढ़, लक्ष्मीगंज, कटरागुलाब ङ्क्षसह, उदयपुर, डेरवा जैसे बड़े बाजारों में पांच से सात झोलाछाप क्लीनिक चला रहे हैं। मरीजों को भर्ती कर इलाज करते हैँ। इसके अतिरिक्त छोटे-छोटे बाजारों में एक से दो झोलाछाप मरीजों का इलाज कर मोटी रकम वसूल रहे हैं। जब तक मरीज देखने में स्वस्थ्य रहता है तब तक इलाज करते हैं। हालत बिगडने पर उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए कह देते हैं।
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झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। टीम इनके खिलाफ कार्रवाई भी करती है। रिपोर्ट दर्ज करने के लिए थाने पर सूचना भेजती है। पुलिस विभाग मदद नहीं कर रहा है।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।