प्रतापगढ़। शहर के जीआईसी और जीजीआईसी में अल्पसंख्यक छात्रों के छात्रावास के निर्माण में व्यापक धांधली हो रही है। करोड़ों रुपये के भवन के निर्माण की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, मगर किसी को भी वास्तविकता जांचने की फुर्सत नहीं है। इससे ठेकेदार रुपये का बंदरबांट कर रहे हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जीआईसी में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रावास के निर्माण के लिए 4.60 करोड़ और जीजीआईसी में हॉस्टल के लिए 2.30 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। एमएसडीपी योजना के तहत बनने वाले सौ-सौ बेड के हॉस्टल का निर्माण कराने की जिम्मेदारी सीएनडीएस-10 को सौंपी गई है।
इन दिनों अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अधिकारी विहीन है। इसका लाभ ठेकेदार उठाते हुए मानक की अनदेखी करके तेजी से भवन का निर्माण करा रहे हैं। डीएम शंभु कुमार ने निर्माणाधीन हॉस्टल की गुणवत्ता जांचने के लिए एसडीएम सदर, लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता और सिंचाई विभाग के शारदा सहायक के अधिशासी अभियंता को नामित किया है। मगर दुर्भाग्य है कि निगरानी समिति ने अभी तक इन भवनों का स्थल भी नहीं देखा है, कि किस स्थल पर निर्माण हो रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पवन कुमार वर्मा ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है, फिलहाल जल्द ही भवन की गुणवत्ता खंगाली जाएंगी।