प्रतापगढ़। रेल हादसों को रोकने के लिए मंत्रालय ने आरपीएफ को मानव रहित रेलवे क्रासिंग की निगरानी की जिम्मेदारी दी है। जिन स्थानों पर मानव रहित रेलवे क्रासिंग ग्रामीणों ने बना लिए हैं, उसे बंद कराने के साथ ही खोलने वाले ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया गया है। आरपीएफ के दरोगा और सिपाही अब मानव राहित क्रासिंग की सूची बनाना शुरू कर दिए हैं।
लगातार हो रहे रेल हादसों से रेलवे के अफसर और कर्मचारी परेशान हो गए हैं। रेल मंत्रालय ने अफसरों को ट्रैक की देखरेख और बढ़ाने के साथ ही मानव रहित रेलवे क्रासिंग बनाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। आरपीएफ को यह आदेश मिला है कि जिन स्थानों पर मानव रहित रेलवे क्रासिंग बगैर रेलवे की अनुमति के बने हैं, उसे एडीएन को अवगत करवा कर तत्काल बंद कराया जाए। नया मानव राहित क्रासिंग बनाने वाले लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाए। इससे रेल हादसे पर काबू पाया जा सकता है। आरपीएफ के दरोगा और सिपाही के साथ एसओ रेलवे ट्रैक की निगरानी के लिए निकल रहे हैं।
आरपीएफ ऐसे क्रासिंग की सूची भी तैयार कर रही है। आरपीएफ एसओ आरएन पांडेय ने बताया कि इसकी जिम्मेदारी एडीएन की होती है। उन्हें यह पता होता है कि कहां तक रेलवे की जमीन है। कहां पर मानव रहित क्रासिंग बना हुआ है। फिलहाल यदि कोई मानव रहित क्रासिंग बनाते मिला तो उस पर रेलवे एक्ट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएन सचान ने बताया कि जितने भी मानव रहित क्रासिंग ग्रामीण बनवा लिए हैं, उसे तत्काल खुदवाया जाएगा।