रूपापुर में बेल्हा माइनर बंद कर बनाये गये रास्ते का सिंचाई विभाग द्वारा खोदवाया गया।
- फोटो : PRATAPGARH
बेल्हा माइनर पर हुए अतिक्रमण को लेकर 30 साल बाद प्रशासन की कुंभकर्णी नींद खुली। माइनर की सफाई शुरू कराने के साथ ही अतिक्रमण हटाया जाता रहा। जिससे आसपास के लोगों में हड़कंप मचा रहा।
सगरा व रूपापुर से गुजरी बेल्हा माइनर पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। कई बार माइनर को खाली कराने के लिए प्रयास हुआ लेकिन सफलता नहीं मिली। यहां तक कि अधिकारियों ने माइनर की जमीन पर हुए अतिक्रमण पर लाल निशान भी लगा दिया था। जिससे अतिक्रमण करने वाले लोगों के हाथ पैर फूल गए थे।
30 साल से बेल्हा माइनर पर हुए अतिक्रमण को खाली कराने में प्रशासन को पसीना छूटता रहा। कुछ दिनों पहले नहर में पानी छोड़ा गया था। रूपापुर में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए नहर पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कवायद शुरू हुई। शनिवार को मजदूर व जेसीबी लगाकर अतिक्रमण हटाया जाता रहा। नहर की सफाई होने लगी। जिससे अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया। देर शाम तक माइनर की सफाई होती रही।
रूपापुर में बेल्हा माइनर पर हुए अवैध कब्जे को विभाग द्वारा हटाया गया।- फोटो : PRATAPGARH
विकास भवन में बगल बेल्हा माइनर में हो रही सिल्ट की सफाई।- फोटो : PRATAPGARH