प्रतापगढ़। रायबरेली, इलाहाबाद, जौनपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, कौशांबी सीमावर्ती स्कूलों में तैनाती पाने वाले शिक्षक ज्यादातर गैरहाजिर रहते हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे 238 स्कूलों को चिह्नित किया है। इन स्कूलों के निरीक्षण के लिए स्पेशल टीम गठित की जाएगी। स्कूलों में गड़बड़ी या शिक्षकों के गैरहाजिर रहने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिले की सीमा पर स्थित प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में तैनाती पाने वाले शिक्षक प्राय: स्कूल में ताला बंदकर चले जाते हैं। मुख्यालय से 70-80 किमी की दूरी पर स्थित इन 238 स्कूलों में अधिकारी चाहकर भी नहीं पहुंच पाते हैं।
इससे इन स्कूलों के शिक्षक पूरी तरह मनमानी कर रहे हैं। अधिकारियों को मिली सूचना के अनुसार इलाहाबाद, कौशांबी, रायबरेली, जौनपुर, अमेठी, सुल्तानपुर के स्थाई निवासी शिक्षकों ने इन स्कूलों में तैनाती करा रखी है। कार्रवाई से बेखौफ यह शिक्षक कभी-कभी ही स्कूल आते हैं। यह मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने बीएसए को ऐसे स्कूल चिह्नित करने का निर्देश दिया। बीएसए एसटी हुसैन ने बताया कि सीमा पर स्थित 238 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को चिह्नित किया गया है। मुख्यालय से इनकी दूरी भी इंगित की गई है। बीएसए ने बताया कि इन स्कूलों के निरीक्षण के लिए डीएम ने विशेष टीम गठित करने का फैसला किया है। औचक निरीक्षण में शिक्षक गायब मिलेंगे, तो संबंधित बीईओ पर कार्रवाई होगी।
कुंडा और कालाकांकर के ज्यादातर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती होने के बाद भी ताला लटक रहा है। इसकी वजह सीमा पर स्थित स्कूलों में पड़ोसी जिले के शिक्षकों का तैनात होना है। कालाकांकर में 55 और कुंडा में 51 स्कूलों को विभाग ने चिह्नित किया है। ये सीमा पर बसे हैं और प्राय: यहां ताला लटकता रहता है। मुख्यालय से इन स्कूलों की दूरी 70-80 किमी होने के कारण अधिकारी कभी निरीक्षण करने भी नहीं जाते हैं।