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आयुष्मान भारत : प्रधानमंत्री बताएंगे कैसे कराएं इलाज
पात्र परिवारों के घर पीएम का संदेश पत्र पहुंचाएगा स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। आयुष्मान भारत योजना के पात्र 1.68 लाख परिवारों के घर जल्द ही प्रधानमंत्री का संदेश पत्र पहुंचने वाला है। पात्र परिवारों की सूची मंगाने के बाद पीएमओ कार्यालय से प्रधानमंत्री का संदेश पत्र सीएमओ कार्यालय पहुंच गया है। अब हर परिवार के मुखिया तक आशा बहुओं और एएनएम के जरिए पीएम का संदेश पत्र भेजवाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश पत्र में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ीं तमाम जानकारियां दी गई हैं।
जनपद में 1.68 लाख परिवारों आयुष्मान भारत योजना के लिए पात्र पाए गए हैं। हालांकि अभी तक सरकारी वेबसाइट पर एक लाख 36 हजार लोगों के ही नाम फीड किए जा चुके हैं। बाकी के नाम अभी तक फीड नहीं हो सके हैं। जबकि योजना का शुभारंभ हुए दो माह होने वाले हैं। आयुष्मान भारत योजना में जिन लोगों का नाम पात्रता की सूची में शामिल है उस परिवार के मुखिया के नाम प्रधानमंत्री ने एक संदेश पत्र भेजा है। संदेश पत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत परिवार के जिन सदस्यों को लाभ मिलना है उनका नाम भी अंकित है। प्रधानमंत्री की ओर से आए संदेश पत्र को दिखाकर मरीज सरकारी अथवा किसी प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज करा सकेंगे। इसके लिए पात्रता सूची में जिन लोगों के नाम शामिल हैं उन्हें पीएम की ओर से आए संदेश पत्र के साथ अपना एक आईडी कार्ड लेकर जाना होगा।
संदेश पत्र जिन लोगों को मिलेगा, उन्हें अलग से गोल्डन कार्ड नहीं बनवाना पड़ेगा। पीएम के संदेश पत्र में लिखा है कि गरीबों के उत्थान के लिए यह सर्वोत्तम मार्ग है। इसका उद्देश्य उन्हें सशक्त और स्वस्थ बनाना है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने अपने संदेश पत्र के माध्यम से विकास कार्यों के बारे में भी जानकारी दी है। प्रधानमंत्री जीवनबीमा योजना, प्रधानमंत्री वंदना योजना, अटल पेंशन योजना, सुरक्षा योजना, जन आरोग्य योजना के साथ ही आयुष्मान भारत योजना के बारे में बताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में यह भी बताया गया है कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ किस तरह ले सकते हैं। इसके लिए क्या करना होगा। कितने रुपये तक फ्री इलाज होगा। अंत में उन्होंने दो लाइन में यह भी लिखा है कि मै ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आप और आपका परिवार सुखी रहे। रोगमुक्त रहे। अपनी और राष्ट्र की प्रगति के लिए कार्यशील रहें। प्रधानमंत्री के इस संदेश पत्र को पात्र परिवारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आशा बहुओं और एएनएम को सौंपी गई है।
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लेकिन दो माह में महज 200 लोगों को जारी हो सका गोल्डन कार्ड
दो माह के अंदर 1.68 लाख परिवारों में से महज 200 लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किया जा सका है। बाकी लोग कार्ड बनवाने के लिए परेशान हो रहे हैं। कार्ड बनवाने के लिए लोग अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। इतना ही नहीं जिन लोगों का कार्ड बन भी गया है इनमें से अब तक महज 15 लोगों को ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सका है।
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प्रधानमंत्री के संदेश को ब्लाक स्तर पर भेजा जा चुका है। जिस दिन शासन से आदेश मिलेगा, आशा बहू उसे पात्र परिवारों के मुखिया तक पहुंचाएंगी। इसके लिए उनकी जिम्मेदारी तय की गई है।
अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।