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जमीनी विवाद में भाजपा नेता के पिता को मार डाला

Sun, 14 Apr 2019 01:13 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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crime - फोटो : प्रतापगढ़
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जमीन विवाद में भाजपा नेता के पिता को लाठी डंडे से मारपीट कर पड़ोसियों ने मौत के घाट उतार दिया। हमलावरों ने मृतक की बहू व बेटे को भी जमकर पीटा। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के गौरामाफी निवासी जिलानी खान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष हैं। पड़ोसी सुबेदार यादव से उनका जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। शनिवार की सुबह आबादी की जमीन पर जबरन कब्जा करने को लेकर पड़ोसी सुबेदार यादव से कहासुनी होने लगी। देखते ही सुबेदार पक्ष के लोग लाठी-डंडे लेकर आ गए। यह लोग जिलानी के भाई कासिम (30) पुत्र गुलजार अहमद को पीटने लगे।

बेटे को मार खाते देख पिता गुलजार (65) बचाने दौड़ पड़े। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें लाठी-डंडे से पीट दिया, जिससे वह गिर पड़े। बीचबचाव करने पहुंची जिलानी की पत्नी राबिया (35) को भी पीटकर घायल कर दिया। गांव के लोगों के दौड़ने पर हमलावर भाग निकले। आननफानन में गुलजार समेत सभी घायलों को लेकर परिजन नजदीकी अस्पताल पहुंचे। वहां गुलजार की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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यहां पहुंचते ही डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजन बिलखने लगे। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शव को कब्जे में लेकर मर्चरी भेज दिया। घटना के बाद गौरामाफी में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई। पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि मामूली विवाद के दौरान धक्कामुक्की की बात सामने आई है। गिरने के कारण गुलजार की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।

देवसरा थाना क्षेत्र के गौरामाफी निवासी कासिम का आरोप था कि आबादी की जमीन पर कब्जे को लेकर काफी दिनों से विवाद चला आ रहा था। कासिम पक्ष के लोग लगातार पुलिस से शिकायत करते रहे, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस ने प्रकरण को गंभीरता से लिया होता तो शायद घटना न होती।

जिला अस्पताल में गुलजार को डाक्टरों ने मृत घोषित करते हुए शव को मर्चरी में बंद कर कोतवाली पुलिस को सूचना भेज दी। इस बीच कुछ लोग मर्चरी में ताला बंद होने के चलते टूटी खिड़की से भीतर झांकने लगे। तभी इस बात का हल्ला मच गया कि अभी गुलजार जिंदा हैं। उन्हें जबरन मुर्दा बताया जा रहा है। जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी। हालांकि बाद में स्थानीय लोगों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। परिवार के लोगों के दबाव पर फिर से मर्चरी खुलवाई गई। लोगों को भरोसा होने के बाद ही मर्चरी का ताला दोबारा बंद किया गया।

भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के ब्लाक अध्यक्ष जिलानी खान के पिता गुलजार को हमलावरों ने लाठी-डंडे से पीटा था। सूत्रों की मानें तो उनके सिर में चोट के निशान मिले। जिससे उनकी मौत हुई।
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