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कल्याण सिंह का जोश भी नहीं दिला सका था विजय

Sat, 13 Apr 2019 12:22 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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कल्याण सिंह - फोटो : amar ujala
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1989 के लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए बेल्हा आए थे। कार्यकर्ताओं संग बैठककर उन्हें एकजुटता का मंत्र दिया था, जीआईसी में आयोजित जनसभा में जाति-पाति की राजनीति पर तंज कसते हुए कांग्रेस पर हमला बोला था। चुनाव बहुत ही दिलचस्प रहा।

कांग्रेस प्रत्याशी राजा दिनेश सिंह व भाजपा समर्थित जनता दल प्रत्याशी राजा अभय प्रताप सिंह के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। हालांकि चुनाव में कांग्रेस ने रोमांचक जीत दर्ज की थी। 
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1989 में कांग्रेस की लहर थी। भारतीय जनता पार्टी भी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में थी। उस दौरान भाजपा व जनता दल के बीच गठबंधन हुआ था। प्रतापगढ़ लोक सभा सीट पर कांग्रेस पार्टी की ओर से राजा दिनेश सिंह प्रत्याशी के रूप में थे जबकि जनता दल से राजा अभय प्रताप सिंह। चुनाव की सरगर्मी तेज थी।

जिले में प्रचार को लेकर दोनों ही पार्टियों से स्टार प्रचारक व पार्टी के दिग्गज नेताओं के आने का सिलसिला जारी था। इस दौरान भाजपा के दिग्गज नेता कल्याण सिंह का बेल्हा में कार्यक्रम तय हुआ। उस दौरान वह विधान मंडल दल के नेता थे। लखनऊ से कार द्वारा कल्याण सिंह के साथ तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजन गुप्ता भी आए।

यहां उन्होंने जीआईसी में जनसभा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने जाति-पाति की राजनीति करने वालों से आगाह किया। उन्होंने कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना न पड़े, उन्हें यह सुलभता से मिले, यही जनप्रतिनिधि का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। शिक्षा-रोजगार जैसे अहम मुद्दे पर भी चर्चा करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथ लिया।

इसके बाद लखन लाल के धर्मशाला में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने एकजुटता का मंत्र दिया। दिलचस्प बात यह है कि 1989 का चुनाव बहुत ही रोमांचक हुआ।
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कांग्रेस के राजा दिनेश सिंह और जनता दल के प्रत्याशी राजा अभय प्रताप सिंह के बीच कांटे की टक्कर हुई। राजा दिनेश सिंह को 39.53 प्रतिशत वोट मिले जबकि जनता दल प्रत्याशी राजा अभय प्रताप सिंह को 38.53 प्रतिशत वोट मिले थे। रोमांचक मुकाबले में कांग्रेस पार्टी को जीत मिली थी। 
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