प्रतापगढ़। एक जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी की खामियों के विरोध में हड़ताल कर रहे व्यापारियों को गुरुवार को समझाने पहुंचीं जिले की प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह को खरी-खरी सुना दी। व्यापारियों के सवालों के आगे निरुत्तर हुईं प्रभारी मंत्री ने आश्वासन दिया कि जीएसटी लागू होने के बाद धाराओं में संशोधन करके राहत प्रदान की जाएगी। मगर व्यापारी प्रभारी मंत्री की कोई बात मानने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने इसके विरोध में शुक्रवार को फिर बंदी का ऐलान किया है।
जीएसटी के विरोध में एकजुट हुए व्यापारियों को मनाने के लिए गुरुवार को जिले की प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह ने बाबागंज स्थित एक होटल में कारोबारियों से साथ बैठक करके आंदोलन को स्थगित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंची प्रभारी मंत्री ने जीएसटी को व्यापारी और देश हित बताते हुए स्वीकार करने को कहा। व्यापारी प्रभारी मंत्री की बातों को गौर से सुनते रहे, मगर जब उन्होंने जीएसटी के उन बिंदुओं पर संशोधन से इनकार किया, जिसे लेकर व्यापारी आक्रोशित हैं, तो व्यापारी आपे से बाहर हो गए। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह छावड़ा ने कहा कि व्यापारी समुदाय जीएसटी के खिलाफ नहीं है, बल्कि जीएसटी के नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का सबसे अधिक शोषण भाजपा सरकार में हो रहा है। करीब दो घंटे तक चली वार्ता में जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला, तो प्रभारी मंत्री लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। व्यापार मंडल के जिला महामंत्री राजेंद्र केसरवानी ने कहा है कि प्रभारी मंत्री के आश्वासन से आंदोलन स्थगित नहीं होगा। 30 जून से जीएसटी के विरोध में जिला बंद का आह्वान किया गया है।