पीआरडी जवानों को रेल पटरियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी
टार्च की रोशनी में रेल पटरियों की कर रहे रखवाली
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। कुंभ मेला के दौरान रेल पटरियों की रखवाली के लिए पीआरडी जवानों को लगाया गया है। वह टार्च की रोशनी में रात के समय रेल पटरियों की निगरानी कर रहे हैं। कुंडा -प्रयागराज और प्रतापगढ़- प्रयागराज के बीच रेट पटरियों की रखवाली के लिए 72 पीआरडी जवानों को तैनात किया गया है। इन जवानों को एक गोपनीय नंबर दिया गया है कि कहीं से रेल पटरी उड़ाने की सूचना मिलती है तो वह रेल प्रशासन को अविलंब बताएं। पांच मार्च तक के लिए पीआरडी जवानों को लगाया गया है।
कुंभ के दौरान रेल पटरियों पर किसी तरह शरारत या आतंकी घटनाओं को लेकर रेल प्रशासन ने पीआरडी जवानों को पटरियों की निगरानी के लिए लगाया है। रात में खतरे की आशंका को देखते हुए अयोध्या से प्रयागराज और कुंडा से प्रयागराज रेल लाइन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिले के 72 पीआरडी जवानों को जिले की सीमा रामगंज से धीरगंज तक और कुंडा रेलवे स्टेशन से प्रयागराज तक रेल लाइन के किनारे तैनात किया गया है। टार्च लेकर गश्त करने वाले इन जवानों को रेल प्रशासन ने गोपनीय नंबर दिया है कि किसी भी तरह की घटना की आशंका होने पर अविलंब रेल प्रशासन को सूचित करें। इन जवानों की ड्यूटी रात दस बजे से सुबह छह बजे तक लगाई गई है। प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि इन जवानों की ड्यूटी पांच मार्च तक रेल प्रशासन ने लगाई है।
उज्ज्वला के लाभार्थियों को पांच किग्रा का मिलेगा डबल सिलेंडर
साल भर में 34 सिलेंडर रिफिल कराने की मिली छूट
14.2 किग्रा के सिलेंडर को बदलने का मिला मौका
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के उज्ज्वला गैस योजना के लाभार्थियों के लिए खुशखबरी है। अब वह 14.2 किग्रा या पांच किग्रा का सिलेंडर ले सकते हैं। अगर बड़ा सिलेंडर रिफिल कराने में सक्षम नहीं हैं, तो वह पांच-पांच किग्रा के दो सिलेंडर लेकर अपनी रसोई का काम चला सकते हैं।
जिले की गैस एजेंसियों पर मिलने वाला पांच किग्रा का सिलेंडर अभी तक उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लाभार्थियों को नहीं दिया जाता था। जिले के 40 प्रतिशत ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्होंने कनेक्शन तो ले लिया, मगर रिफिल कराने के लिए उनके पास रुपये ही नहीं थे। ऐेेसे में इंडियन ऑयल ने उज्ज्वला के लाभार्थियों को पांच किग्रा का सिलेंडर देने का फैसला किया है। इंडियन ऑयल की इस नरमी से अब गांव के उन गरीब परिवारों को राहत मिलेगी, जो रिफिल के लिए अधिक रुपये जुटाने में नाकाम थे। नए नियम के मुताबिक एक साल में उज्ज्वला का लाभार्थी चाहे 14.2 किग्रा का सिलेंडर 12 बार रिफिल कराएं, या पांच किग्रा के 34 सिलेंडर को रिफिल करा सकते हैं। फिलहाल जो लाभार्थी 14.2 किग्रा का सिलेंडर ले चुके हैं, वह कभी भी पांच किग्रा से बदल सकते हैं। सिलेंडरों के बदलने पर ग्राहक को मिलने वाली सब्सिडी का कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि सब्सिडी अनुपात में ही मिलेगी। सेल्स अफसर रोहित गुप्ता ने बताया कि उज्ज्वला के लाभार्थी इसका लाभ उठा सकते हैं। अगर कोई एजेंसी यह सुविधाएं मुहैया कराने से किनारा काटती है तो उसकी शिकायत अवश्य करें।