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लॉकडाउन के दौरान बढ़ गए 1842 कार्डधारक

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rashan card
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लॉकडाउन के दौरान बढ़ गए लॉकडाउन के दौरान जिले के 1842 राशनकार्डधारक और बढ़ गए हैं। हालांकि अभी तक आनलाइन कराने वालों को 90 दिन बाद राशन देने की बात करते थे, मगर अफसरों के हस्तक्षेप के चलते लोगों को फ्री चावल दिया गया। इधर विभागीय अफसरों ने कोटेदारों को अधिकृत कर दिया है कि अगर वह किसी को पात्र समझते हैं, तो उसका राशनकार्ड बनवा सकते हैं।
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जिले में अभी तक 5,84,764 राशनकार्ड धारकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशन मिलता था। मगर लॉकडाउन के दौरान खाने-पीने की समस्या उत्पन्न होने पर 1842 राशनकार्ड और बन गए हैं। हालांकि यह सभी राशनकार्ड अधिकारियों के हस्तक्षेप पर बढ़े हैं। अभी तक विभाग भी मान रहा था, कि जो राशनकार्ड बने हुए हैं वह पर्याप्त हैं।
दरअसल में सूबे में योगी सरकार के बनते ही सपा शासनकाल में बने लगभग 21,000 राशनकार्डो को अपात्र बताकर निरस्त कर दिया गया था। इसके स्थान पर नए पात्रों का भी चयन किया था। इसमें कुछ राशनकार्ड धारक गुटबाजी के शिकार भी हुए थे। हालांकि लॉकडाउन जब अफसरों के पास पहुंचे, तो उनका राशनकार्ड दूसरी बार बना है।
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डीएसओ सुनील कुमार ने बताया कि जो पात्र है, उसका राशनकार्ड बनाया जा रहा है। अधिकारी प्रतिदिन गांव का सर्वे कर रहे हैं जो पात्र उसका राशनकार्ड बनाकर राशन प्रदान किया जा रहा है।
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