योगी सरकार ने किसानों को झटका देते हुए सपा राज में बिजनेस प्लान के तहत स्वीकृत बिजली उपकरणों को अब नहीं देने का फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले से खेती किसानी पर असर पड़ सकता है। बुधवार को सैकड़ों किसानों को स्टोर से मायूस लौटना पड़ा।
विद्युत विभाग ने सपा राज में किसानों के हित के लिए बिजनेस प्लान योजना चलाई थी। जो किसानों के लिए बेहद कल्याणकारी साबित हो रही थी। बिजनेस प्लान के तहत अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे थे। वर्ष 2014-15, 2015-16 और 2016-17 में 1931 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया और शासन से मंजूरी भी मिल गई । मगर चिलबिला स्टोर में ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभे और तार की कमी बताकर किसानों को लौटा दिया जाता था।
इससे किसान प्रतिदिन चक्कर लगाते थक जा रहे थे। स्टोर के सहायक अभियंता ने अब यह कहकर सामान देने से इनकार कर दिया है कि बिजनेस प्लान के तहत स्वीकृत सामानों के देने पर विभागीय अधिकारियों ने रोक लगा दी है। अफसरों के इस फैसले से किसानों में गहरा आक्रोश है। संडवा चंद्रिका के उमरी निवासी कमल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि पहले तो ट्रांसफार्मर नहीं होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता था, और अब रोक लगने की बात की जा रही है।
छह माह से नहीं आया दस केवीए का ट्रांसफार्मर
चिलबिला स्थित स्टोर में दस केवीए का ट्रांसफार्मर छह माह से नहीं आया है। इससे जिन लोगों को बिजनेस प्लान के तहत ट्रांसफार्मर मिलना था, वह तो आशा लगाए बैठे ही रह गए। अब विभाग के हाथ खड़ा कर देने से किसानों की मुसीबत और बढ़ गई है।
वर्ष 2014-15, 2015-16 और 2016-17 में बिजनेस प्लान के तहत स्वीकृत सामानों के निर्गत करने पर चीफ इंजीनियर ने रोक लगा दी है। जब तक कोई नया आदेश नहीं आता है, तब तक उपकरण नहीं दिए जाएंगे।
रुद्रेश पांडेय, सहायक अभियंता, स्टोर चिलबिला।