मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद ही चुनाव ड्यूटी से मिलेगी मुक्ति
आज विकास भवन में होगी जांच, कैंसर पीड़ितों और दिव्यांगों की होगी परेड
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगने वाले कैंसर रोगियों, प्रसूताओं और दिव्यांगों को मेडिकल बोर्ड के पैनल की जांच से गुजरना होगा। शनिवार को ऐसे कर्मचारियों को विकास भवन बुलाया गया है, जहां चिकित्सकों का पैनल यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव ड्यूटी करने लायक हैं कि नहीं। फिलहाल ऐसा पहली बार हो रहा है, जब बीमार लोगों और दिव्यांग अफसरों के सामने परेड करेंगे।
लोकसभा चुनाव के मतदान कार्मिकों के पहले चरण में पीठासीन और मतदान अधिकारी का प्रथम का प्रशिक्षण समाप्त हो गया है। प्रशिक्षण की खास बात यह रही कि अधिकारियों जहां कर्मचारियों को वीवीपैट, ईवीएम की जरूरी जानकारी दी, वहीं गंभीर रूप से बीमार, प्रसूताओं और दिव्यांगों की भी ड्यूटी नहीं काटी गई। बृहस्पतिवार को अफसरों के सामने कैंसर की बीमारी से जूझ रहे तीन कर्मचारी आए, जो अपने खराब दिनों को किसी प्रकार गिन रहे हैं। मगर उन्हें भी चुनाव ड्यूटी से मुक्ति नहीं दी गई। चुनाव ड्यूटी करने में अक्षम कर्मचारी अफसरों के सामने गिड़गिड़ाते रहे, मगर उन्हें शनिवार को 11 बजे बुलाया गया है कि वह मेडिकल बोर्ड के सामने पहले अपना परीक्षण कराएं। जरूरी होने पर पर ही उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्ति मिलेगी। फिलहाल ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कर्मचारियों को मेडिकल बोर्ड से गुजरना पड़ रहा है। अभी तक प्रशिक्षण के समय ही असमर्थ कर्मचारियों की ड्यूटी काट दी जाती थी। डीडीओ सुदामा प्रसाद ने बताया कि कर्मचारियों के बहानेबाजी पर रोक लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन वास्तव में चुनाव ड्यूटी करने के लायक नहीं है।