मतदान के लिए बने एक हजार बूथ खतरनाक
संवेदन व अतिसंवेदनशील बूथों की तैयार रिपोर्ट में सामने आई तस्वीर
ऐसे मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के लिए अलग से मुस्तैद होगी फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव के लिए बने खतरनाक बूथों की संख्या लगभग फाइनल हो गई है। जिले में पांचवें राउंड में कौशांबी तो छठवें राउंड में प्रतापगढ़ लोकसभा सीट के लिए मतदान होना है। जिसके लिए पुलिस की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अब तक जिले की सातों विधानसभा में 1085 बूथ संवेदनशील व अतिसंवेदनशील घोषित किए गए हैं।
पिछले चुनावों में जिन बूथों पर ऐसी स्थिति बनी, वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त है। जिले में कुल 2616 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से संवेदन और अतिसंवेदनशील बूथों को प्रशासन ने चिह्नित करने का काम लगभग पूरा कर लिया है। अभी तक कुल 595 बूथ ऐसे मिले हैं, जो संवेदनशील हैं। इन बूथों पर चुनाव के दिन छोटी-मोटी दिक्कतें पिछले चुनावों में आई हैं। इसी तरह 490 बूथ अति संवेदनशील हैं। यहां मतदान के वक्त हंगामे जैसी स्थितियां पिछले चुनावों में हुई हैं। विधान सभावार तैयार यह सूची जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजी जा चुकी है। इस बार लोकसभा चुनाव जिले में दो चरणों में हो रहा है। छह मई को पांचवें चरण में कौशांबी लोकसभा का चुनाव होगा। जबकि प्रतापगढ़ सीट पर 12 मई को छठवें राउंड का चुनाव होना है। साधारण बूथ की अपेक्षा ऐसे बूथों पर ज्यादा फोर्स लगाई जाएगी।
बढ़ सकती है संवेदन व अतिसंवेदशील बूथ की संख्या
जिला निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों की मानें तो फिलहाल 1085 बूथ ही संवेदन व अति संवेदनशील माने जा रहे हैं। अधिकारियों की नजर अभी और भी बूथों को टटोल रही है। वह अगर जरूरत समझे तो मतदान पूर्व इस तरह के बूथों की संख्या में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।
वर्नएबुल मजरों में पहुंचेगी पुलिस
लोकसभा चुनाव के दौरान गांव के उन मजरों को वर्नएबुल की श्रेणी में रखा जाएगा। जहां के मतदाताओं को प्रभावशाली लोगों ने द्वारा डरा धमकाकर मतदान से रोका जाता रहा है। ऐसे मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त फोर्स लगाई जाएगी। ताकि सभी मतदाता निडर होकर मतदान कर सकें।