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सोमवार से किसानों को मोबाइल एटीएम का तोहफा

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किसानों को मिलेगा मोबाइल एटीएम का तोहफा
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सोमवार से घर-घर पहुंचेगी एटीएम वैन, रुपये निकालने के साथ ही ऑनलाइन सुविधाएं होंगी उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है। सोमवार से उन्हें रुपये निकालने के लिए बैंक के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि उनके दरवाजे पर मोबाइल एटीएम पहुंचेगा और अपनी आवश्यकता के अनुसार वह रुपये निकाल सकेंगे। यही नहीं खाता खुलवाने से लेकर बैलेंस जांचने तक का कार्य स्वयं कर सकेंगे।
जिला सहकारी बैंक ने सोमवार से किसानों को बड़ी राहत देते हुए मोबाइल एटीएम वैन सेवा प्रारंभ करने का फैसला लिया है। मोबाइल एटीएम वैन प्रतिदिन गांव-गांव जाएगी और वह किसान रुपये निकाल सकेंगे, जिनके जिला सहकारी बैंक में खाते हैं। इसके पूर्व बैंकों में लगे एटीएम से किसानों को रुपये निकालने पड़ते थे। महाप्रबंधक डीआर सिंह ने बताया कि जिले की पांचों तहसीलों के लिए रूट निर्धारित कर दिया गया है। किस मार्ग पर किस दिन एटीएम वैन जाएगी, इसकी जानकारी साधन सहकारी समितियों और स्थानीय बैंकों के माध्यम से किसानों को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एटीएम वैन में एक शाखा प्रबंधक, एक कैशियर के साथ ही दो सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे। किसान एटीएम कार्ड से एक दिन में अधिकतम 25,000 रुपये निकाल सकेंगे।
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31,393 मीट्रिक टन चावल बन गया मुसीबत
चिलबिला में 15 दिन से खड़े हैं चावल लदे ट्रक
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में चावल भंडारण को लेकर खाद्य विभाग के अफसरों की नींद उड़ गई है। चिलबिला स्थित एफसीआई गोदाम में चावल रखने की जगह नहीं होने से 15 दिन से रोड के किनारे चावल लदे ट्रक खड़े हैं। इससे राहगीरों को जहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं विभाग के अफसर भी परेशान हैं।
जिले में इस वर्ष धान की खरीद सबसे अधिक हुई, मगर अब यह विभागीय अफसरों के लिए मुसीबत बन गई है। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में इस वर्ष 59,242 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। जिसमें विभाग को 39,692 मीट्रिक टन चावल मिलना है। राइस मिलों ने अब तक विभाग को 31,393 मीट्रिक टन चावल मुहैया करा दिया है। 8300 मीट्रिक टन चावल अभी राइस मिलों से आना है। मगर आलम यह है कि एफसीआई गोदाम में चावल रखने की जगह नहीं है। एफसीआई के प्रबंधक का कहना है कि मेरे पास जगह ही नहीं है, हम चावल कहां रखें। जबकि रानीगंज और ऊंचाहार के गोदाम पहले ही फुल हो चुके हैं।
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जिले में चावल भंडारण की समस्या है। एफसीआई में जगह नहीं है, प्राइवेट गोदाम मिल नहीं रहे हैं। अफसरों से बात की जा रही है, जल्द ही समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
यूपी सिंह सिसौदिया, जिला विपणन अधिकारी।
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