बदहाल मॉडल स्कूलों की ग्रेडिंग के बाद बदलेगी सूरत
मॉडल स्कूलों में हैं सात शिक्षकों के सापेक्ष तीन शिक्षकों की तैनाती
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बदहाल मॉडल स्कूलों की तस्वीर जल्द बदली-बदली नजर आ आएगी। विभागीय टीम द्वारा जल्द ही इन विद्यालयों की ग्रेडिंग की जाएगी। ग्रेडिंग रिपोर्ट के बाद विद्यालयों में संसाधान बढ़ाए जाने के साथ ही बच्चों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में गुणवत्तायुक्त शिक्षा की दृष्टि से नजीर के तौर पर शासन ने सात मॉडल स्कूलों की सौगत दी थी। जिले के सात ब्लाक इसके लिए चयनित किए गए। कालाकांकर, संग्रामगढ़, बाबागंज, आसपुर देवसरा, संडवाचंद्रिका, शिवगढ़ और पट्टी। जिसमें 6 से 12 तक की कक्षाएं संचालित होनी थीं। एक मॉडल स्कूल के निर्माण में 3.11 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। सात मॉडल स्कूलों में कालाकांकर, बाबागंज, आसपुर देवसरा व शिवगढ़ सहित चार मॉडल स्कूलों का निर्माण हो चुका है। इन सभी विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य शुरू है। कालाकांकर में बच्चों की संख्या सबसे अधिक 250 है। इसके अलावा बाबागंज, आसपुर देवसरा, शिवगढ़ में भी अच्छी खासी संख्या है। मगर, जिस उद्देश्य से इन विद्यालयों को शुरू किया गया था, उसका परिणाम सही नहीं रहा। मॉडल स्कूल के भवन तो लकदक कर रहे है, मगर संसाधनों का अभाव है। प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। बच्चों के ठहरने की व्यवस्था भी माकूल नहीं है। इसके अलावा संख्या के अनुरूप शिक्षकों की संख्या भी कम है। इससे बच्चों का भविष्य संकट में है। प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित सात शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए, जबकि मौजूदा समय में महज तीन शिक्षक हैं। हालांकि अब यह समस्या जल्द ही दूर होने वाली है। विभाग की ओर से मॉडल स्कूलों की ग्रेडिंग शुरू कर दी गई है। विभाग की मानें तो इसके माध्यम से विद्यालयों के संसाधन, शिक्षक, व्यवस्था की मौजूदा रिपोर्ट तैयार की जाएगी। विभागीय अधिकारी इस रिपोर्ट को शासन को भेजेंगे। रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय में जिन संसाधनों की कमी है, उसे पूरा किया जाएगा। डीआईओएस डा. एसपी यादव ने बताया कि मॉडल स्कूलों की व्यवस्था सुदृढ़ है। ग्रेडिंग रिपोर्ट के बाद जो भी कमियां है, उन्हें दूर किया जाएगा।