फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंगूठा टेक लोगों को साक्षर करने की ठप हुई योजना

विज्ञापन
विज्ञापन
निरक्षरों को साक्षर बनाने की योजना ठप
विज्ञापन

जिले में अभी भी हैं 1.12 लाख अनपढ़
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के 1.12 लाख लोग अगूंठा टेक ही रह गए और योजना बंद हो गई। दो साल से ठप हुई योजना के स्थान पर ना तो कोई योजना चली, और ना ही निरक्षरों को साक्षर करने की दिशा में कोई प्रयास हो रहा है। इधर, साक्षर भारत मिशन योजना में सहभागिता करने वाले कर्मचारियों का दो वर्ष का मानदेय भी बकाया है।
जिले से निरक्षता को मिटाने के लिए प्रारंभ की गई साक्षर भारत मिशन योजना सार्थक नहीं हो पाई है। जिले के 1.12 लाख लोग अभी भी निरक्षर हैं। विभाग के आंकड़ों पर गौड़ किया जाय तो 15-50 आयु वर्ग के 45,679 पुरुष और 66,321 महिलाएं अभी भी निरक्षर हैं। जिले के निरक्षरों को साक्षर करने के लिए प्रारंभ की गई इस योजना से जिले के लगभग सवा चार लाख लोगों को साक्षर करने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल, जिले में बचे हुए निरक्षरों को साक्षर करने के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

शिक्षा निदेशक बेसिक ने बीएसए को पत्र भेजकर निरक्षरों की संख्या तो मांगी है, मगर इन निरक्षरों को साक्षर करने के लिए कोई नई योजना चलाने की तैयारी नहीं की जा रही है। फिलहाल विभाग इन निरक्षरों को साक्षर करने को लेकर चिंतित है। इधर साक्षर भारत मिशन योजना में जिम्मेदारी निभाने वाले जिला समन्वयक , ब्लाक समन्वयक और प्रेरकों का मानदेय दो-दो साल का बकाया है। मगर भुगतान के लिए कोई पहल नहीं की गई है।
इनसेट----------
मानदेय भुगतान के लिए बेकार गया आंदोलन
प्रेरकों के मानदेय भुगतान के लिए धरना-प्रदर्शन करने वालों का प्रयास बेकार गया। दो साल के बकाया मानदेय भुगतान के लिए विभाग ने कई बार पत्र लिखा, मगर नतीजा सिफर रहा। इससे हताश लोग सिर्फ शासन के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन

वर्जन------
जिले के निरक्षर लोगों को साक्षर करने के लिए चलने वाली योजना इस समय बंद है। शासन से निरक्षर लोगों की संख्या मांगी है। मानदेय बकाया भुगतान के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। बजट मिलते ही आनलाइन भुगतान किया जाएगा।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें