प्राइमरी स्कूलों के 167 शिक्षकों ने प्रमोशन ठुकरा दिया है। प्रमोशन के बाद संशोधन नहीं होने से इन शिक्षक-शिक्षिकाओं को मनचाहे स्कूलों में तैनाती नहीं मिली थी। प्रमोशन गवाने वाले इन शिक्षकों को अब प्रमोशन के लिए कुछ दिन इंतजार करना होगा।
जिले के प्राइमरी स्कूलों में तैनात 714 सहायक अध्यापकों का तत्कालीन बीएसए अजय कुमार सिंह ने प्रमोशन कर कुंडा, कालाकांकर और बाबागंज, बिहार के स्कूलों में तैनाती दे दी। प्रमोशन के तुरंत बाद स्कूलों का नाम बदलने के लिए 135 शिक्षकों से चालीस-चालीस हजार रुपये लेकर उन्हें मनचाही तैनाती दे दी। संशोधन के इस खेल में तत्कालीन बीएसए पर जिला प्रशासन का शिकंजा कसने के बाद नवागत बीएसए ने संशोधन करने का जोखिम नहीं उठाया। पूर्व बीएसए के कार्यकाल में हुए संशोधन के खेल की जांच के लिए डीएम, विभाग और शासन स्तर से जांच हो रही है।
इधर प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों के कार्यभार ग्रहण करने की समय सीमा समाप्त होने के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से ज्वाइन नहीं करने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट मांग ली। 17 खंड शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 167 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें मनचाही तैनाती नहीं मिलने के कारण प्रमोशन को ठुकरा दिया। कुछ ऐसे भी शिक्षक हैं जो दूरदराज के तैनाती वाले स्कूलों में ज्वाइन करते ही बीमारी का बहाना बताकर लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। फिलहाल ज्वाइन नहीं करने वालों के लिए अब कोई रास्ता नहीं है, अब इन शिक्षकों को प्रमोशन के लिए कुछ दिन इंतजार करना होगा। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि शिक्षकों ने संशोधन कराने के लिए बहुत प्रयास किया, मगर मैने किसी का भी नहीं किया। उन्होंने बताया कि जो शिक्षक ज्वाइन नहीं किए हैं, उन्हें अगले प्रमोशन का इंतजार करना होगा।