प्रतापगढ़। जिला पंचायत की बैठक में शनिवार को बिजली, राशन और सड़कों को लेकर सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। जिम्मेदार अफसरों के सदन में न मौजूद रहने पर सदस्यों में नाराजगी रही। बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए 36 करोड़ 75 लाख रुपये का अनुमानित बजट पास हो गया।
जिला पंचायत की बैठक शनिवार को 45 मिनट विलंब से उमाशंकर यादव की अध्यक्षता में प्रारंभ हुई। अपर मुख्य अधिकारी पुनीत यादव के संचालन में बैठक प्रारंभ होते ही जिला पंचायत सदस्य अनीस अहमद ने बिजली विभाग को कठघरे में खड़ा करते हुए सदन के सामने तिवारीपुर, कलीपुर मैनहा में उपभोक्ताओं से लोड के नाम पर 15 से 25 हजार रुपये की वसूली का मुद्दा उठाया। रानीगंज एक्सईएन को सामने खड़ा कर अध्यक्ष ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का नर्दिेश दिया। मानधाता के 44 लोगों को आरसी जारी होने व मुकदमे में चार्जशीट न्यायालय भेजने को लेकर सदस्य आरिफ ने नाराजगी जताई। जिला पंचायत सदस्य प्रकाश सिंह ने किलहनापुर से मानिकपुर तक करीब 32 लाख की लागत से निर्मित सड़क के तुरंत उखड़ने का मामला सदन के सामने रखा।
चूंकि सडक़ जिला पंचायत द्वारा ही बनवाई गई है। इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य बबलू सिंह व अमरपाल यादव ने सदन के सामने मुद्दा उठाया कि गांवों में ई-पास मशीन में अंगूठा स्पष्ट न होने पर लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी के स्थान पर मानधाता के सप्लाई निरीक्षक ने सदन को जानकारी दी कि मैनुअल भी कोटेदारों को राशन वितरित करने का निर्देश दिया जा चुका है। सदस्य इस बात पर नाराज दिखे कि सदन की बैठक में जिम्मेदार अधिकारी के मौजूद न रहने पर जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं पाता। ऐसे में सदन की बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी होनी चाहिए। अंत में सदन के सामने वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए अनुमानित बजट 36 करोड़ 75 लाख 90 हजार का रखा गया। पुरानी कार्रवाई की पुष्टि भी हुई। इस मौके पर विधायक बाबागंज विनोद सरोज, डीडीओ सुदामा प्रसाद, विनय सिंह, बीएन सिंह, डब्बू सिंह, लल्लन भाई, उमेश पासी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
अपना संगठन बनाएं सदस्य, तभी दूर होगी समस्या
जिला पंचायत की बैठक में शनिवार को जिला पंचायत सदस्य ने सदन में सदस्यों के सामने कहा कि जिस तरह प्रधान, बीडीसी सदस्यों ने संगठन बनाया है। उसी तरह जिला पंचायत सदस्यों का संगठन होना चाहिए। ताकि क्षेत्र की समस्याओं के लिए शासन व प्रशासन के समक्ष आवाज उठाई जा सके। तभी समस्या दूर हो सकेगी। प्रकाश सिंह की सुरक्षा में निजी सुरक्षाकर्मी बाहर असलहों के साथ मुस्तैद रहे।