प्रतापगढ़। जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बच्चों के ज्ञान का दायरा बढ़ाने के लिए सभी स्कूलों में मिनी पुस्तकालय खोले जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक प्राइमरी स्कूलों को पांच-पांच हजार और मिडिल स्कूलों को दस-दस हजार रुपये दिए जाएंगे। इन रुपयों से पुस्तकों की खरीद की जाएगी। लाइब्रेरी से जरूरतमंद बच्चों को पुस्तकें मुहैया कराई जाएंगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को शुद्ध हिंदी पढ़ना भले ही न आता हो, मगर अब उन्हें रामचरित मानस और महाभारत की पुस्तकें पढ़ने को दी जाएंगी। इन पुस्तकों को पढ़ने के बाद स्कूल समय में ही लाइब्रेरी में जमा करना होगा। शासन ने जिले के लिए सभी स्कूलों में मिनी पुस्तकालय खोलने के लिए 173.96 लाख रुपये का बजट पास किया है।
फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में 2042 प्राइमरी स्कूलों और 733 मिडिल स्कूलों में धनराशि पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। स्कूलों में गठित प्रबंध समितियों की क्रय समिति को पुस्तक खरीदने का अधिकार दिया गया है। सामान्य ज्ञान के साथ ही धार्मिक पुस्तकों को खरीद कर बच्चों के ज्ञान का दायरा बढ़ाना है। विभाग की यह पहल कितनी सफल होगी, यह तो बाद में पता चलेगा मगर अध्यापकों के बीच पुस्तक खरीदने और कमीशनबाजी को लेकर अभी से चर्चांओं का बाजार गर्म हो गया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शासन का पत्र आया है। अभी धनराशि नहीं आई है। फरवरी माह में स्कूलों के खातों में धनराशि भेजी जाएगी।
स्कूलों को व्यवस्थित करने के लिए मिले हैं 7.25 करोड़ रुपये
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की रंगाई -पुताई के साथ ही व्यवस्थित करने के लिए 7.25 करोड़ रुपये दिए गए हैं। स्कूलों में बाल्टी, लोटा, तौलिया, साबुन के साथ ही जीवनरक्षक दवाएं रखना आवश्यक किया गया है। मगर अधिकांश स्कूलों में अभी तक किसी सामान की खरीदारी नहीं की गई है।