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1 11 एएनएम सेंटर पर नहीं कराया जाता है प्रसव

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111 एएनएम सेंटर पर नहीं कराया जाता है प्रसव
जिम्मेदार नहीं देते ध्यान, स्थानीय लोग होते हैं परेशान
किस स्थान पर है सेंटर, जानकारी देने से कतरा रहे विभाग के जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में 360 एएनएम सेंटर कागज पर संचालित हो रहे हैं, मगर इनमें से 189 सेंटरों पर ही प्रसव कराया जाता है। बाकी सेंटरों पर टीकाकरण या फिर पोलियो ड्राप बच्चों को पिलाया जाता है। इससे लोग परेशान होते हैं।
शासन ने ग्रामीण इलाके में गर्भवती महिलाओं को जांच के साथ ही गांव में ही प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 360 एएनएम सेंटर खुलवाए थे। मगर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते 189 सेंटरों पर ही प्रसव करवाने की पूर्ण व्यवस्था की गई है। बाकी 111 एएनएम सेंटर कागज पर संचालित जरूर हो रहे हैं, मगर यहां न तो अनुभवी एएनएम की तैनाती की गई है और न ही गर्भवती महिलाओं की किसी प्रकार की जांच या फिर प्रसव सुविधा की व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ता है। गांव में एएनएम सेंटर के होते हुए भी प्रसव पीड़िताओं को लेकर सीएचसी, पीएचसी या फिर जिला महिला अस्पताल की ओर भागना पड़ता है। इसकी जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। समय-समय पर इन सेंटरों पर प्रेग्नेंसी जांच किट सहित महिलाओं के उपयोग में आने वाली तमाम दवाएं शासन की ओर से दी जाती हैं। बावजूद इसके प्रसव नहीं कराया जाता है। 189 सेंटरों पर प्रसव करवाने के लिए सीएमओ की ओर से निर्देश दिया गया है। मगर इनमें से ज्यादातर सेंटर सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही खुलते हैं। सप्ताह में तीन से चार दिन बंद रहते हैं। इस बीच एएनएम क्षेत्र में एक-एक दिन बैठकर गर्भवती महिलाओं के साथ नवजातों को इंजेक्शन लगाती हैं। कभी भी सीएमओ एएनएम सेंटर की जांच करने के लिए नहीं जाते हैं। नजदीकी सीएचसी अधीक्षकों को एएनएम सेंटर की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है, मगर वह भी कभी नहीं जाते हैं।
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वर्जन--------
189 सेंटर पर प्रसव कराने की व्यवस्था शासन की ओर से की गई है। इसके चलते इन सेंटरों पर ही प्रसव कराया जाता है। बाकी सेंटर पर पोलियो की खुराक के साथ नवजातों को इंजेक्शन लगवाया जाता है। रात में बंद रहने वाले सेंटरों की जांच कराई जाएगी। जिम्मेदार एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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