डायरिया के कहर से मुसीबत में नौनिहाल
भीषण गर्मी सहन न कर पाने के कारण बिगड़ रही बच्चों की हालत, अस्पताल फुल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। भीषण गर्मी पड़ने के कारण नौनिहालों की जान खतरे में है। गर्मी बर्दाश्त न कर पाने के कारण बच्चों की हालत बिगड़ रही है। वह तेजी से डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल का मेडिकल और चिल्ड्रेन वार्ड डायरिया के मरीजों से फुल हो गया। चिकित्सक ओपीडी में भी मरीजों का इलाज करते रहे।
सोमवार को अधिकतम तापमान 44.7 पर पहुंच गया। दिन भर लू के थपेड़े लोगों को झुलसाते रहे। भीषण गर्मी में जरा सी भी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। लोग डायरिया से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल का मेडिकल और चिल्ड्रेन वार्ड डायरिया के मरीजों से फुल हो गया है। मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है। चिकित्सक इलाज के साथ लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेनवार्ड में सोमवार को मोहनगंज निवासी शिवा सिंह आठ माह, देवजानी निवासी मोहम्मद अर्फ डेढ़ वर्ष, कंधई के मीरनपुर निवासी शोएब दस वर्ष, परशुरामपुर निवासी आयुष्मान, नरी रानीगंज निवासी डेढ़ वर्षीय रिया तिवारी, लोहंगपुर अंतू निवासी सात वर्षीय निहाल, किठौली पट्टी निवासी चार वर्षीय कृष्ण कुमार पांडेय, ईसनपुर निवासी पांच माह का मासूम हलीबा, दिवनगंज निवासी दस माह का बच्चा रिषभ, जोगपुर निवासी अहमद डेढ वर्ष, पुरखीपुर निवासी आयत असलम डेढ़ वर्ष, पृथ्वीगंज निवासी आदर्श समेत दर्जनों लोगों को भर्ती कराया गया। चिकित्सक गर्मी से बचाव, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की जहां सलाह दे रहे हैं वहीं तली-भुनी चीजें और मसालेदार भोजन से परहेज करने की सलाह दे रहे हैं।
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हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, गंदगी से पटा अस्पताल
दुर्गंध के चलते मरीजों का रहना मुश्किल, वार्ड छोड़कर परिसर में घूम रहे तीमारदार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। चार माह से मानदेय न मिलने से खफा जिला अस्पताल के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। जिसके चलते अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दुर्गंध से मरीज और उनके साथ आने वाले तीमारदार परेशान हैं। उधर, सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को जमकर नारेबाजी की। मानदेय नहीं तो काम नहीं का नारा लगाया।
जिला व महिला अस्पताल में साफ-सफाई का ठेका ग्लोबल संस्था को मिला है। संस्था ने जिला अस्पताल में 24 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की है। तीन शिफ्टों में इनकी ड्यूटी लगाकर अस्पताल में साफ-सफाई कराई जाती थी। बीते दस माह से सीएमएस ने संस्था के बिल का भुगतान नहीं किया। इससे संस्था का संचालक बीते चार माह से अपने कर्मचारियों को मानदेय नहीं दे पाया। जिससे सफाई कर्मचारी परेशान हैं। वह काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए। सरकारी अस्पताल में तैनात पांच सफाई कर्मचारियों से दिन में एक बार वार्ड में साफ-सफाई कराई जा रही है। इसके चलते वार्ड से लेकर अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा है। दुर्गंध से मरीज और तीमारदार परेशान हैं। मगर जिम्मेदार सीएमएस और सीएमओ इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर, कर्मचारियों ने सोमवार को ओपीडी के सामने शासन और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मानदेय न मिलने तक झाडू उठाने से हाथ खड़ा कर दिया। इस मामले में संस्था के एरिया मैनेजर योगेंद्र सिंह का कहना है कि सीएमएस और सीएमओ के बीच चल रही तकरार के चलते कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। चार माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला।