नहीं बदला जा सका ट्रांसफार्मर, 150 गांवों की आपूर्ति ठप
गड़वारा उपकेंद्र पर तैनात जेई ने अब तक नहीं शुरू की पहल, ग्रामीणों में आक्र ोश
अमर उजाला ब्यूरो
गड़वारा। तीन दिन बाद भी गड़वारा उपकेंद्र का मेन ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका है। उपकेंद्र पर तैनात जेई व एसडीओ की लापरवाही का खामियाजा डेढ़ सौ गांवों के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। 72 घंटे से लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। इसे लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है।
गड़वारा उपकेंद्र में चार फीडर हैं। ड़ेढ सौ गांवों की आपूर्ति इन्हीं फीडरों पर निर्भर है। उपकेंद्र पर स्थित मेन ट्रांसफार्मर शुक्रवार को जवाब दे गया। इससे गड़वारा, राजापुर सहित चारों फीडरों की आपूत ठप हो गई। इससे करीब डेढ़ सौ गांवों की बत्ती गुल हो गई। उपभोक्ताओं ने पूछताछ की तो उपकेंद्र पर तैनात जेई व विद्युतकर्मियों ने फीडर फुंकने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने घेराव कर आक्रोश जताया तो ट्रांसफार्मर में खराबी बात सामने आई। शनिवार को शाम तक ट्रांसफार्मर बदलकर आपूर्ति बहाल कराने का दावा किया गया। मगर 72 घंटे बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सोमवार को आपूर्ति बहाल न होने से लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा। घरों में लगे पंखे व कूलर शोपीस बने रहे। उमसभरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।
दुरुस्त नहीं हो सके टूटे तार व पोल, 100 गांव अंधरे मेें
तीन दिन पहले आए चक्रवाती तूफान ध्वस्त हो गई थी बिजली व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
पट्टी/पृथ्वीगंजबाजार/उडैयाडीह। पट्टी इलाके में चक्रवाती तूफान से ध्वस्त हुई बिजली व्यवस्था तीन दिन बाद भी पटरी पर नहीं आ सकी। जगह-जगह टूटे पोल व तार जस के तस पड़े हुए हैं। इससे क्षेत्र के करीब 100 गांवों में विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इसे लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
शनिवार भोर में चक्रवाती तूफान ने पट्टी इलाके में जमकर तबाही मचाई थी। पृथ्वीगंज बाजार, पट्टी, उड़ैयाडीह, बेलखरनाथ सहित तीन दर्जन गांवों में तूफान से जगह- जगह पोल उखड़ गए। पेड़ गिर गए। कई मकान तक धराशायी हो गए। आधा दर्जन से अधिक लोग इसकी चपेट में आकर घायल भी हुए थे। रविवार को दिनभर बिजली विभाग के कर्मचारियों का दिन महज जायजा लेने में ही बीत गया। लोगों को उम्मीद थी कि सोमवार को आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। मगर विभागीय लापरवाही के चलते ऐसा नहीं हुआ। बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर आना मुनासिब नहीं समझे। इससे सोमवार को भी लोगों को बिजली से महरूम रहना पड़ा। इसे लेकर विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया गया, मगर उनका फोन नहीं उठा।