तीसरे दिन भी नहीं शुरू हुई प्लांट से आक्सीजन की सप्लाई
सूचना के बाद भी नहीं आए मैकेनिक, अस्पताल में सिर्फ तीन आक्सीजन सिलेंडर के भरोसे चल रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में आई खराबी सोमवार को तीसरे दिन भी दूर नहीं हो सकी। सूचना देने के बाद भी कानपुर से मैैकेनिक नहीं आए। इससे वार्डों में आक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पा रही है। दो सौ बेड के अस्पताल में महज तीन आक्सीजन सिलेंडरों के भरोसे काम चलाया जा रहा है।
जिला अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट लगा है। इससे पाइप लाइन के जरिए वार्डों में आक्सीजन पहुंचाया जाता है। वार्डों में जरूरतमंद मरीजों को बेड पर ही मास्क के जरिए आक्सीजन दिया जाता है। शनिवार शाम पौने सात बजे ओवरलोड के कारण अचानक ऑक्सीजन प्लांट से आपूर्ति ठप हो गई। प्लांट के अंदर लगा पैनल और आइसोलेटर जल गया। ऑक्सीजन प्लांट ने काम करना बंद कर दिया। सीएमएस ने फैजाबाद से पांच ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए थे। इनमें दो सिलेंडर खत्म हो गए। अब महज तीन सिलेंडर बचे हैं। ऐसे में कभी भी समस्या गहरा सकती है। वहीं ऑक्सीजन प्लांट की खराबी तीसरे दिन भी दूर नहीं हो सकी। ऑक्सीजन प्लांट में आईं खामियों को दूर करने के लिए कानपुर से मैकेनिक तीसरे दिन भी नहीं आए।
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लापरवाही के चलते ऑक्सीजन प्लांट में आई खराबी
जिला अस्पताल के ओटी के सामने ऑक्सीजन पाइप लाइन टूट गई थी। जिसके चलते ज्यादा ऑक्सीजन पाइप लाइन के जरिए निकल जाता था। इसका लाभ मरीजों को भी नहीं मिल पाता था। मगर इस समस्या की ओर स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सकों के साथ सीएमएस का ध्यान नहीं पड़ा। जिसका परिणाम रहा कि ओवरलोड के चलते ऑक्सीजन प्लांट की मशीनें दगा दे गईं। वर्जन-----
ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत के लिए मैकेनिक को जानकारी दी गई है। रविवार को अवकाश के कारण तो सोमवार को किसी दिक्कत के कारण वह नहीं आ पाए। इसकी सूचना एडी को भी दे दी गई है।
योगेंद्र यति, सीएमएस, जिला अस्पताल।
सफाई कर्मचारियों ने सीएमएस और सीएमओ का किया घेराव
तीन माह से रुका है मानदेय
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बीते तीन माह से मानदेय न मिलने से खफा ठेकेदार के सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को सीएमएस और सीएमओ का घेराव किया। सीएमओ कार्यालय में जमकर हंगामा किया। जल्द मानदेय का भुगतान कराने का अश्वासन देकर सीएमओ ने उन्हें शांत कराया।
जिला अस्पताल में साफ-सफाई का ठेका ग्लोबल संस्था को दिया गया है। बीते नौ माह से सीएमएस ने संस्था को मानदेय के रूप में फूटी कौड़ी नहीं दी। ठेकेदार ने अपने कर्मचारियों को बीते तीन माह से मानदेय देना बंद कर दिया। इससे सफाई कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सोमवार को पहले वह सीएमएस कार्यालय पर पहुंचे और सीएमएस का घेराव किया। फिर सीएमओ का घेराव कर मानदेय की मांग की। सीएमओ ने तीन से चार दिन के भीतर उनका मानदेय दिलाने का भरोसा दिलाया।