मतदान कर्मियों की संलिप्तता मिलने पर होगा मुकदमा
निष्पक्ष और ईमानदारी से मतगणना करने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा सामान्य निर्वाचन की मतगणना को सफल, सुचारु एवं निष्पक्ष रूप से कराने के लिए सोमवार को डीएम मार्कण्डेय शाही ने मतदान कार्मिकों को टिप्स दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर मतदान में किसी कर्मचारी की संलिप्तता उजागर होती है तो उसके खिलाफ सीधे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अफीम कोठी में सोमवार को तीन चरणों में हुए प्रशिक्षण में डीएम, डीडीओ और सीडीओ ने मतगणना की बारीकियों से अवगत कराया। डीएम ने बताया कि एक टेबल पर चार लोगों की ड्यूटी होगी। सर्वप्रथम माइक्रो आब्जर्वर होंगे, जो अपनी टीम को सुपरवाइज करेंगे। प्रत्येक चक्र की गणना उम्मीदवारों के क्रम से लिखकर एआरओ को सौंपेंगे। दूसरे स्थान पर गणना पर्यवेक्षक होंगे, जो कि गणना सहायक से गिनती किए गए मतों का प्रारूप भरकर अंकित कराएंगे। उन्होंने कहा कि मतदान कार्मिक जोर-जोर से प्रत्याशियों के वोटों के बारे में एजेंटों को बताएंगे। सोमवार को चरणों के प्रशिक्षण में लगभग 365 मतगणना अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अवसर पर सीडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह, डीडीओ सुदामा प्रसाद, जीआर चौधरी, शिवप्रकाश, आर्यन शर्मा, जयराम आदि मौजूद रहे।
मतगणना स्थल पर मोबाइल, लैपटॉप ले जाना प्रतिबंधित
एआरओ के पास आवेदन करके बन सकते हैं अभिकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। डीएम मार्कण्डेय शाही ने लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2019 की मतगणना प्रत्याशियों, अभिकर्ताओं से कहा है कि मतगणना स्थल पर मोबाइल, कैलकुलेटर, आईपैड, लैपटाप एवं धूम्रपान वर्जित रहेगा। मोबाइल पाए जाने पर जब्ती एवं नियुक्ति पत्र रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। मतगणना पंडाल में कोई भी मंत्री, सांसद, विधायक या शासकीय सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति मतगणना अभिकर्ता नियुक्त नहीं हो सकता है।
मतगणना अभिकर्ता के नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रपत्र-18 दो प्रतियों में घोषणा प्रपत्र सहित दो-दो नवीनतम फोटो के साथ विधानसभा क्षेत्र के सम्मुख अंकित सहायक रिटर्निंग आफिसर के पास जमा कर सकेंगे। जिसके आधार पर उन्हें संबंधित रिटर्निंग आफिसर, सहायक रिटर्निंग आफिसर द्वारा नियुक्ति एवं परिचय पत्र निर्गत किया जाएगा। मतगणना स्थल पर नियुक्ति पत्र परिचय पत्र दिखाने पर ही प्रवेश करने दिया जाएगा। मतगणना टेबल के सम्मुख प्राथमिकता के अनुसार अभिकर्ता को बैठाया जाएगा। जिनमें मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल के अभिकर्ता, अन्य राज्यों के मान्यता प्राप्त राज्य दल के अभिकर्ता जो यहां अपने सुरक्षित चुनाव चिह्न पर निर्वाचन लड़ रहे हों, रजिस्टर्ड पार्टी के अभिकर्ता, निर्दलीय पार्टी के अभिकर्ता, अपनी टेबल के अलावा अन्य टेबल पर जाने पर भी नियुक्ति पत्र रद्द किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि ईटीपीबीएस एवं पोस्टल बैलेट पेपर की मतगणना अलग एक हाल में कराई जाएगी।
भक्त और भगवान की कथा है श्रीमद्भागवत
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। शहर से सटे पूरे ओझा गांव में अंतिम दिन कथा व्यास पं. अनिलेश शुक्ला ने कहा कि भागवत कथा भक्त और भगवान की कथा है। भक्तिमार्ग और उससे मिलने वाले पुण्य फल मनुष्य को धर्म, आस्था और आध्यात्मिकता से जोड़ते हैं । कथा के प्रताप से ही राजा परीक्षित को सातवें दिन ही मोक्ष की मिला था। सदर विकास खंड के पूरेओझा गांव में आयोजित भागवत कथा सप्ताह के अंतिम दिन कथा व्यास पं. अनिलेश शुक्ला ने परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई। इसके साथ ही कथा से मिलने वाले पुण्य फल के विषय में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को कथा के सातवें दिन ही मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। बलराम ने पहले अपने धाम के लिए प्रस्थान किया। उसके बाद भगवान ने इस लोक को छोड़कर अपने धाम के लिए गमन किया। कथा व्यास ने कहा कि जिस परिवार में नशे जैसी बुराइयां रहती हैं, वहां पुण्य फल का भी नाश होता है। इस अवसर पर बैजनाथ ओझा, राजकुमारी, विजय नारायण ओझा, माता प्रसाद ओझा, गीता ओझा, अभिषेक, मुकेश, द्वारिका प्रसाद, कमलेश, राममूर्ति, राजकिशोर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।