प्रतापगढ़। राशनकार्ड का झमेला खत्म हो गया है, अब लाभार्थियों को स्वैप कार्ड मिलेगा, जिसे मशीन में स्वैप करके कोटेदार उन्हें राशन देेंगे। एटीएम कार्ड की तरह मिलने वाला स्वैप कार्ड मशीन में लगाने के बाद ही यह खुलासा होगा कि उपभोक्ता के घर में कितने सदस्य हैं। प्रत्येक परिवार को जारी होने वाले स्वैप कार्ड से पहचान का एक नंबर भी मिलेगा।
जिले के 4.85 लाख परिवारों को अब राशनकार्ड नहीं मिलेगा। सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चित्र वाला राशनकार्ड जल्द ही बेकार साबित हो जाएगा। हालांकि विभाग ने पूर्व में फैसला लिया था कि अखिलेश सिंह यादव की फोटो वाले कवर पेज को ही हटा दिया जाएगा। मगर शासन ने कोटेदारों पर शिकंजा कसने के लिए नई तरकीब निकाली है। अब राशनकार्ड को कार्ड के रूप में बदल दिया जाएगा। इससे दो फायदे होंगे। कोई अन्य व्यक्ति राशनकार्ड का दुरुपयोग नहीं कर पाएगा और वास्तविक लाभार्थी को राशन मिलेगा। कोटेदारों को मिलने वाली स्वैप मशीन में कार्ड लगाने के बाद ही यह जानकारी होगी कि कार्ड कितने यूनिट का है। अगर कोटेदार किसी ग्राहक को राशन नहीं देगा, तो इसकी जानकारी लखनऊ में बैठे अधिकारियों को हो जाएगी। इससे कोटेदार ग्राहकों से जहां झूठ नहीं बोल पाएंगे, वहीं प्रत्येक माह लाभार्थी को राशन देना आवश्यक होगा।
जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत चिंहित 4.85 लाख परिवारों को स्वैप कार्ड देने के लिए विभाग में व्यापक स्तर पर तैयारी चल रही है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अक्तूबर माह से स्वैप कार्ड का वितरण प्रारंभ हो सकता है। शहर के कोटेदारों को मिली स्वैप मशीन फेल हो गई है। इससे कोटेदारों को मिली मशीन जमा कराकर उन्हें दूसरी मशीन दी जा रही है। कोटेदार इतना चालाक हैं, कि वह राशन वितरण में स्वैप मशीन का प्रयोग नहीं करना चाहते हैं। बल्कि चोरी करने के लिए प्रतिदिन नया बहाना खोजते रहते हैं।
कई ब्लाकों में पर्ची से चल रहा है काम
संडवा चंद्रिका,सदर, मानधाता सहित कई ब्लाक ऐसे हैं, जिन्हें आज तक राशनकार्ड मिला ही नहीं है। इन ब्लाकों के लाभार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण की पर्ची पर राशन दिया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने पर इन ब्लाकों के लाभार्थी बेहद खुश हैं।
एड्रेस प्रूफ के काम नहीं आएगा राशनकार्ड
गांव और शहर के अधिकांश लोग राशनकार्ड को एड्रेस प्रूफ के रुप में प्रयोग करते थे। मगर स्वैप कार्ड की तरह राशनकार्ड आने से एड्रेस प्रूफ के रुप में प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
2.65 लाख परिवारों को नहीं मिलेगा राशनकार्ड
जिला आपूर्ति विभाग पूर्व में एपीएल और बीपीएल को राशनकार्ड देता था, मगर एपीएल के लिए मिट्टी का तेल, गेहूं नहीं मिलने से गरीबी रेखा के ऊपर रहने वाले परिवारों को राशनकार्ड ही नहीं दिया जाता है। इससे 2.65 लाख परिवारों को राशनकार्ड देना बंद कर दिया गया है।
कोटेदारों पर अंकुश लगाने और उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर मिलने वाला राशन मुहैया कराने के लिए अब राशनकार्ड के स्थान पर स्वैप कार्ड दिया जाएगा। यह कार्ड लेकर लाभार्थी कोटेदार के पास जाएगा और यूनिट के हिसाब से राशन प्राप्त करेगा।
मनीष विक्रम, जिला पूर्ति अधिकारी।