कोतवाली के मालखाने से चोरी हो गई 149 पेटी शराब
तमंचा व कारतूस भी मिले मालखाने से गायब
माल मुकदमाती का चार्ज देने के दौरान हुई जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नगर कोतवाली के मालखाने से 149 पेटी देशी शराब, तमंचा व कारतूस रहस्यमय तरीके से चोरी हो गया। जिसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी। माल मुकदमाती का चार्ज देने के दौरान जानकारी हो सकी। इसे लेकर कोतवाली में हड़कंप मचा हुआ है।
नगर कोतवाली परिसर में ही मालखाना हैं। जहां मुकदमों से संबंधित सामान मालखाने में रखा जाता है। कोतवाली नगर में तैनात एचसीपी मिर्जा मसर्रत अली का तबादला 20 जनवरी को मानिकपुर थाने पर हो गया था। तबादले के बाद कुछ चार्ज का आदान प्रदान मिर्जा मसर्रत अली से कोतवाली में तैनात मुख्य आरक्षी रज्जनलाल को दिया था। 26 जुलाई को एचसीपी मिर्जा मसर्रत अली शेष माल मुकदमाती सामान का चार्ज देने के लिए कोतवाली पहुंचा। सीसीटीएनएस के बगल मालखाने का ताला खोलने पर पता चला कि 149 पेटी देशी शराब गायब है। केवल मालखाने में गत्ते ही रखे हुए हैं। 11 मुकदमों से संबंधित तमंचा व कारतूस भी गायब मिले। यह देख वह हैरान हो उठा। उसने मामले की जानकारी नगर कोतवाल को दी। जिसे लेकर मामले की पूछताछ कोतवाली में होने लगी लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी। कोतवाली के मालखाने से चोरी की खबर बाहर न जाए। इसके लिए अफसरों से लेकर सिपाही तक खामोश रहे। मिर्जा मसर्रत ने आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। नगर कोतवाल सुरेंद्र ने बताया कि किसी भी पुलिसकर्मी ने तहरीर नही दी है।
गायब सीडी को लेकर ठनी है पुलिसकर्मियों में रार
नगर कोतवाली के चिलबिला की रहने वाली शांति देवी की जेल में मौत हो गई थी। उससे संबंधित सीडी को लेकर पुलिसकर्मियों में रार ठनी हुई है। एचसीपी का कहना है कि उसने सीडी मुख्य आरक्षी रज्जनलाल को सौंपने के बाद रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा लिया था। इसके बावजूद वह आनाकानी कर रहे हैं। एचसीपी ने आशंका जताई है कि मालखाने की चाभी दूसरी बनवाकर माल मुकदमाती गायब करा दिया गया। पुराने असलहों को फिर से पकड़े गए अपराधियों पर लगाने की आशंका जताई जा रही है।
पहले भी कोतवाली से चोरी हो चुका है लाखों का गांजा
नगर कोतवाली के मालखाने से यह कोई पहली चोरी की घटना नही है। इसके पहले भी एसटीएफ व कोतवाली पुलिस द्वारा लाखों रुपये का बरामद गांजा चोरी हो चुका है। इस मामले में न्यायालय के सामने पुलिस गांजा पेश नहीं कर पा रही थी। पिछले साल मामले में पूर्व शहर कोतवाल हरिपाल सिंह के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद भी गांजा बरामद नहीं हो सका। हां कुछ गांजा मिला। कई माह तक जांच भी चली। पुलिसकर्मी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते रहे। बाद में मामला विभागीय होने के कारण जांच ठंडे बस्ते में चली गई।