कलमबंद हड़ताल करने वाले कुंडा के चार लेखपालों को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। 153 लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। 245 लेखपालों के सेवा समाप्ति की नोटिस भेजी गई है। कार्रवाई के बावजूद छठवें दिन भी लेखपालों की हड़ताल जारी रही। सदर तहसील में जुटे लेखपाल शासन के विरोध में नारेबाजी करते रहे।
लेखपाल संघ का आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। सदर तहसील में अध्यक्ष ऐनुल हसन की अगुवाई में जुटे लेखपालों ने हुंकार भरी। वक्ताओं ने कहा कि मांगे पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। जब तक लेखपालों को लैपटॉप, साइकिल भत्ता समेत अन्य मांगों को पूरा करने का शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर दूधनाथ गौतम, करुणेश प्रताप सिंह, आशुतोष सिंह, रामसमुझ त्रिपाठी, बाबूलाल श्रीवास्तव, धर्मराज तिवारी, राजेश कनौजिया, गिरजेश सरोज, प्रमोद सिंह, हरिश्चंद्र, अभिषेक मिश्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे। उधर, आंदोलित लेखपालों पर जिला प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सीआरओ शिवपूजन ने बताया कि कुंडा के लेखपाल संघ के उपाध्यक्ष मेवालाल, कोषाध्यक्ष आरिफ बेग, अमृतलाल पाल और आय व्यय निरीक्षक अमरनाथ को निलंबित कर दिया गया है। पहले 32 लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है। 153 लेखपालों को प्रतिकूल प्रविष्टि की नोटिस भेजी गई है। आंदोलित 245 लेखपालों को सेवा समाप्ति की नोटिस जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई है। सीआरओ ने बताया कि यदि लेखपालों की हड़ताल समाप्त न हुई तो कार्रवाई चलती रहेगी।