जलनिगम की 266 पेयजल इकाइयों से संबंधित अभिलेख उस समय अचानक मिल गए, जब डीएम ने अधिशासी अभियंता को मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दे दिया। शनिवार को अचानक अधिशासी अभियंता को वह कागजात मिल गए, जिसके लिए एफआईआर कराने की तैयारी की जा रही थी।
सदर विकास खंड के पूरेरायजू में पेयजल इकाई के निर्माण में 19 लाख रुपये का घपला सामने आने के बाद डीएम शंभु कुमार ने जलनिगम की स्थापित 266 इकाइयों की जांच का आदेश दिया था। डीएम का यह आदेश कार्यालय पहुंचता, इससे पहले नक्शा और अभिलेख ऑफिस से गायब हो गए। चार जून को समीक्षा बैठक में डीएम के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने अधिशासी अभियंता को नगर कोतवाली में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा। डीएम के सख्त तेवर देखकर अधिशासी अभियंता मुकदमा दर्ज कराने के बजाए जिम्मेदार लोगों से खोजबीन में जुट गए। शनिवार को खोजबीन के दौरान वह अभिलेख मिल गए। इससे जलनिगम कर्मियों ने राहत की सांस ली है। अधिशासी अभियंता आरएस वर्मा ने बताया कि यह वही अभिलेख हैं, जिनसे 266 परियोजनाओं की जांच होनी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांच प्रारंभ की जाएगी।