कुंडा। एक गाड़ी से पांच थानों की आग बुझाने की जिम्मेदारी कुंडा फायर स्टेशन को दी गई है। तकरीबन 30 से 40 किमी की रेंज में अगर दो जगह आग लग जाती है तो लोगों को खुद ही आग पर काबू पाना होगा। यही नहीं अन्य जगहों पर फायर हाइड्रेंट न होने की दशा में एक-एक टैंकर की भी व्यवस्था दी गई है, लेकिन कुंडा फायर स्टेशन पर हाइड्रेंट एक भी उपयोग में नही हैं। ट्रैंकर की व्यवस्था भी नहीं है। यह नहीं सिपाहियों और गार्डों की समस्या से जूझ रहा फायर स्टेशन सिर्फ लोगों के आक्रोश का शिकार बन रहा है।
तहसील क्षेत्र के मवई में फायर ब्रिगेड का कार्यालय है। यहां एक बड़ी गाड़ी के साथ एक बोलेरो दी गई है। फायर स्टेशन पर ही पानी भरने की सुविधा है। इस पर पांच थाना क्षेत्र नवाबगंज, मानिकपुर, कुंडा, महेशगंज और हथिगवां में आग बुझाने की जिम्मेदारी है। अगर गाड़ी की टंकी का पानी खत्म हुआ तो कर्मचारी नहर और तालाब के भरोसे हो जाते हैं। अगर वह भी नहीं है तो यह गाड़ी भी सफेद हाथी साबित होती है। उस समय फायर के लोग सिर्फ लोगों को आक्रोश झेलते हैं। हालत यह है कि स्टेशन को 24 सिपाही चाहिए, लेकिन महज 12 तैनात हैं। इसमें भी एक संतरी और कार्यालय ड्यूटी में एक-एक सिपाही की 24 घंटे ड्यूटी है। शासन की तरफ से एक भी गार्ड नहीं दिया गया है। क्षेत्र में पांच फायरहाइड्रेंट की संख्या बताई जाती है लेकिन एक भी उपयोग में नहीं हैं। इसमें कोतवाली गेट, पुलिस कालोनी, पशु चिकित्सालय, बुब्बन खां कालोनी के तो फायर हाइड्रेंड का पता नहीं है।
सिर्फ जलनिगम गेट के सामने का फायर हाइड्रेंड दिखता है जो पानी नहीं देता है। अप्रैल से अगस्त तक आग लगने का जब सिलसिला शुरू होता है कि एक गाड़ी से फायर कर्मी इधर उधर दौड़ते रहते हैं। अब जब संसाधन नहीं हैं तो लोग उनके देर से आने की शिकायत भी करेंगे। यही नहीं कभी-कभी तो वह उन पर आक्रोशित होकर हमलावर भी हो जाते हैं। पांच थानों में एक गाड़ी से आग बुझाने की जिम्मेदारी कितनी पूरी हो पाएगी इसे समझा जा सकता है। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी अनिल सिंह ने बताया कि संसाधनों की कमी से फायर स्टेशन जूझ रहा है। बावजूद इसके किसी तरह से लोगों की सेवा करने का प्रयास किया जाता है। यही नहीं कभी-कभी तो लोगों के आक्रोश का शिकार भी होना पड़ता है।
चार्जशीट लगने के 26 माह बाद भी रेप पीड़िता को आर्थिक मदद नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। रेप पीड़िता को घटना के 26 माह बाद भी आर्थिक मदद नहीं मिल सकी। वह बार-बार अधिकारियों की चौखट पर गुहार लगा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। कुंडा कोतवाली क्षेत्र की एक दलित किशोरी के साथ 30 नवंबर 2015 को रेप हुआ था। इसमें पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की थी। घटना में चार्जशीट लग गई। चार्जशीट लगने के 26 माह बाद भी किशोरी को अब तक कोई माली मदद नहीं मिली है।
सांड के हमले से वृद्धा की मौत
कुंडा(ब्यूरो)। सांड़ के हमले से घायल वृद्धा की मौत हो गई। उसकी मौत से परिजनों में चीख पुकार मच गई है।
महेशगंज थाना क्षेत्र के शुकुलपुर गांव निवासी प्रेमा देवी (70) स्व.राम स्वरूप दो दिन पहले शाम को शौच के लिए खेतों की तरफ गई थी। इस दौरान एक सांड़ ने उस पर हमला कर दिया। शोरशराबे पर ग्रामीण दौड़े और सांड़ को भगाया। बाद में परिजन उसे बाबागंज सीएचसी ले गए। वहां इलाज के बाद घर ले आए। सोमवार को उसकी मौत हो गई।
पांच थानों में आग बुझाने के लिए सिर्फ एक गाड़ी
फायर ब्रिगेड के पास संसाधन भी नहीं, कर्मचारियों की भारी कमी