प्रतापगढ़। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आफीसर्स एसोसिएशन एवं इंप्लाइज यूनियन के कर्मचारियों ने मंगलवार को मांगों के समर्थन में मुट्ठी बांधकर आरपार के संघर्ष का एलान किया। हड़ताल के दूसरे दिन एकजुट कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुलने दिए। मुख्य शाखा के बाहर एकत्रित कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
जिले के बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की 97 शाखाओं में दूसरे दिन भी ताला लटकता रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से आंदोलन पूरी तरह सफल रहा। मीराभवन चौराहा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में धरना-प्रदर्शन करके कर्मचारी नेताओं ने साथियों का हौसला बढ़ाया। आफीसर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डीपी सिंह ने कहा कि सरकार के अड़ियल रुख के चलते आम खाताधारकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन की मांग, कंप्यूटर एग्रीमेंट और अनुकंपा नियुक्ति की मांग बहुत दिनों से साथी कर रहे हैं, मगर सरकार कोरा आश्वासन देती रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद अफसरों और कर्मचारियों ने हड़ताल की रणनीति बनाई।
आफीसर्स एसोसिएशन के महामंत्री कुमार वैभव ने साथियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सिर्फ बेल्हा के ही बैंकों में कामकाज नहीं ठप है, बल्कि 676 जिलों की 21,938 शाखाओं में दो दिन से ताले लटक रहे हैं। मगर सरकार मांगे मानने को राजी नहीं है। इंप्लाइज यूनियन के अमित कुमार ने कहा कि जब तक सरकार नहीं झुकेगी, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। अफसरों और कर्मचारियों के आंदोलन पर रहने से ग्राहक दूसरे दिन भी निराश होकर लौटे। धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रुप से शैलेंद्र कुमार सिंह, वीपी त्रिपाठी, शिशु नारायण श्रीवास्तव, एएम त्रिपाठी, विभूति कुमार पांडेय, अशोक कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, रामचंद्र प्रजापति, शिशिर खरे, मदन कुमार जायसवाल आदि मौजूद रहे।
आज कर लें लेन-देन, चार दिन रहेगा अवकाश
जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी 29,30,31 और एक अप्रैल को अवकाश रहेगा। ऐसे में ग्राहकों को लेन-देन करने के लिए सिर्फ बुधवार का दिन बचा हुआ है। जबकि बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखाओं में 24 मार्च से ताला लटक रहा है। यह शाखाएं अब दो अप्रैल को ही खुलेंगी।
मांगों के समर्थन में बैंक कर्मियों ने बांधी मुट्ठी
निजीकरण का विरोध और पुरानी पेंशन सहित सात सूत्रीय मांग है शामिल
करोड़ों का ठप हुआ कारोबार, निराश होकर लौटे ग्राहक