प्रतापगढ़। सुख, समृद्धि एवं उल्लास का प्रतीक लोहड़ी का पर्व शहर में सिख समुदाय द्वारा पारंपरिक गीतों एवं कार्यक्रमों के बीच धूमधाम से मनाया गया। शनिवार को बाबागंज स्थित गुरुद्वारा नानकशाही में देर रात तक सबद-कीर्तन, अरदास व प्रसाद वितरण सहित कार्यक्रमों का दौर चलता रहा।
लोहड़ी को लेकर सिख समुदाय के लोग सुबह से तैयारी में जुटे रहे। रात आठ बजे महिलाओं, पुरुषों की भीड़ बाबागंज स्थित गुरुद्वारा नानकशाही में उमड़ने लगी। बच्चे भी उत्साहित दिखे। रात करीब साढ़े आठ बजे से गुरुद्वारा के हुजूरी रागी भाई विपिन प्रीत सिंह ने अपने जत्थे के साथ सबद-कीर्तन गायन किया। साढ़े नौ बजे भाई जुझारू ने सबद-कीर्तन किया। साढ़े 10 बजे अरदास हुई व भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरण किया गया। इसके बाद रात 11 बजे से जश्न शुरू हुआ। आग जलाई गई और इसके बाद बड़े-बुजुर्गों के साथ सभी लोगों ने उसकी परिक्रमा करते हुए लाई, लावा, गुड़, तिल, मुंगफली आदि भेंटकर देश व कौम की खुशहाली की कामना की।
इसके बाद ढोल, नगाड़ों की थाप पर युवक व युवतियों ने पारंपरिक गीत सुंदरियों, मुंदरिए तेरा कौन बेचारा हो, दुला भट्टी वाला हो, गाकर जमकर धमाल मचाया। देर रात तक चले गायन व अन्य कार्यक्रमों के बाद सभी एक-दूसरों को बधाई देते हुए अपने-अपने घर को रवाना हुए। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह प्रधान, कर्मजीत सिंह, मंजीत सिंह गोविंद, सतबीर सिंह, सुरजीत सिंह, महेन्द्र पाल सिंह, जगमीत सिंह, सोनू विश, इंदरजीत सिंह, जुझार सिंह आदि मौजूद रहे।