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पक्के कार्य के भुगतान पर रोक

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मंगरौरा में 88.29 लाख और लालगंज में 50.34 लाख का भुगतान
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पक्के कार्य के भुगतान पर रोक लगने के बावजूद हुआ खेल
अफसर चुनाव और मातहत कमाई में जुटे
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के अफसर चुनाव में व्यस्त हैं, तो मातहत जेब भरने में जुटे हुए हैं। मंगलवार की शाम मनरेगा के तहत पक्के कार्यों में भुगतान में जमकर खेल किया गया है। मंगरौरा विकास खंड में 88.29 लाख रुपये और लालगंज में 50.34 लाख रुपये का भुगतान सामग्री मद में किया गया है। जबकि अफसरों ने 60-40 के अनुपात बराबर नहीं होने पर भुगतान पर रोक लगा रखी थी।
मनरेगा में धांधली पर रोक नहीं लग पा रही है। मंगरौरा, आसपुर देवसरा, पट्टी और बेलखरनाथधाम में इस वर्ष भुगतान में खूब मनमानी की गई है। खडंजा, नाली, आरसीसी और इंटरलाकिंग के बनवाने के नाम पर 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें सबसे अधिक मंगरौरा ब्लाक में 88.29 लाख, आसपुर देवसरा में 42.71 लाख, पट्टी में 14.41 लाख और बेलखरनाथधाम में 1.16 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। इसमें अधिकांश कार्य अभी पूर्ण भी नहीं कराए गए हैं और भुगतान पहले कर दिया गया है। हालांकि लालगंज ब्लाक में भी 50.34 लाख रुपये का भुगतान लेकर नया रिकार्ड बनाया है। सदर विकास खंड में 12.61लाख रुपये का भुगतान किया गया है। रोक के बावजूद हुए भुगतान होने की जानकारी अफसरों को होने पर गहरी नाराजगी है। डीसी मनरेगा ओम प्रकाश यादव ने जिस ब्लाक में भुगतान हुआ है, उसकी जांच कराई जा रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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छह माह बाद शिक्षकों को नहीं मिला मानदेय
प्रतापगढ़। जिले के नौ विकास खंडों में खुले श्रम विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने मानदेय का संकट गहरा गया है। अक्तूबर से बच्चों को पढाने वाले शिक्षकों को अभी तक मानदेय नहीं मिला है। इससे उनकी नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षकों ने कहा है कि मानदेय के अभाव में पठन-पाठन होना संभव नहीं है।
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जिले के नौ विकास खंडों में 42 श्रम स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इन स्कूलों में मानदेय पर तैनात शिक्षकों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अक्तूबर माह से स्कूलों में तैनात रहकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाले शिक्षकों ने चेताया है कि अगर अविलंब मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो अपनी सेवाएं बंद कर देंगे। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि बीडीओ से सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई थी, अभी आई नहीं है। आते ही भुगतान किया जाएगा।
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