शहर के फीडरों पर बिजली चोरों का कब्जा
50 प्रतिशत हो रहा लाइन लास, कटियामारों के साथ ही पंजीकृत उपभोक्ता भी कर रहे खेल
जांच में सामने आई हकीकत, विभाग को लग रही लाखों की चपत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लाख कवायद के बाद भी शहर में बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। शहर के आधा दर्जन फीडरों पर उन्होंने कब्जा जमा रखा है। इसके चलते विभाग को 50 प्रतिशत लाइन लॉस हो रहा है। जांच में पता चला है कि हर साल इन फीडरों से विभाग को लाखों की चपत लग रही है। हालांकि पड़ताल के बाद विभागीय अधिकारियों ने टीम गठित कर बिजली चोरी पर अंकुश लगाने की कोशिश शुरू की है।
शहर में 30 हजार से अधिक पंजीकृत उपभोक्ता हैं। इसमें घरेलू के साथ कामर्शियल उपभोक्ता भी शामिल हैं। पंजीकृत उपभोक्ताओं के अलावा भी यहां बिजली चोरों की लंबी फौज है। पूरे शहर को पांच उपकेंद्रों के सहारे विद्युत आपूर्ति की जाती है। दहिलामऊ, बाबागंज, रूपापुर, कादीपुर और चिलबिला। कुल 18 फीडरों के जरिए आपूर्ति की जाती है। विभाग बिजली चोरी पर अंकुश लगाने को लेकर कोशिश कर रहा है। मगर इसके बाद भी बिजली चोरी रुक नहीं रही है। कटिमयारी कर बिजली चोर विभाग को चूना लगा रहे हैं। बिजली चोरी की पता लगाने को लेकर विभागीय टीम ने पखवारे भर पहले फीडरों की पड़ताल की थी। शहर के सभी 18 फीडरों की जांच की गई। इस दौरान शहर के आधे दर्जन फीडर ऐसे मिले जहां आपूर्ति की आधी बिजली पर कटियामारों का कब्जा है। पड़ताल में सहोदरपुर फीडर, कादीपुर फीडर, भंगवा फीडर, चिलबिला फीडर, कचहरी व रूपापुर फीडर पर 50 प्रतिशत लाइन लास पाया गया। विभाग की मानें तो इससे हर साल विभाग को लाखों की चपत लग रही है। चौंकाने वाली इस रिपोर्ट से विभागीय अधिकारी अब गंभीर हो गए हैं। चेकिंग का सारा फोकस अब इन्हीं फीडरों के इर्द-गिर्द रहेगा। इसके लिए विभाग अब जांच टीम गठित कर रही है। एसडीओ अजीत यादव ने बताया कि चेकिंग अभियान चल रहा है। कनेक्शन बिच्छेदन के साथ ही कार्रवाई की जा रही है। जांच में मिले इन फीडरों पर स्पेशल टीम लगाई जाएगी।
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चोरी के खेल में पंजीकृत उपभोक्ता भी शामिल
बिजली चोरी के इस खेल में कटियामारों के साथ पंजीकृत उपभोक्ता भी शामिल हैं। घरेलू कनेक्शन की आड़ में उपभोक्ता व्यवसाय भी कर रहे हैं। विभाग अब कनेक्शन की क्षमता का भी आंकलन करेंगे।