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आंवले को पहचान दिलाने के लिए मिले 1.20 करोड़

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प्रतापगढ़ - फोटो : प्रतापगढ़
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 एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत आंवले को पहचान दिलाने के लिए जिले को 1.20 करोड़ रुपये मिले हैं। यह धनराशि उन व्यवसाइयों को दी जाएगी, जो आंवले का उत्पाद तैयार करने का उद्योग लगाएंगे। जिले में बीस लाभार्थियों को योजना लाभ दिया जाना है, मगर विभागीय अधिकारियों ने 27 लोगों का चयन कर लिया है।  इन लाभार्थियों को 24 दिसंबर को गोरखपुर में ऋण मंजूरी का पत्र प्रदान किया जाएगा।  
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एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत आंवले को पहचान देने के लिए उद्योग, सेवा और व्यवसाय के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को 25 प्रतिशत सब्सिडी पर कर्ज दिया जाएगा। राष्ट्रीयकृत बैंकों से मिलने वाले कर्ज में अधिकतम बीस लाख रुपये तक सब्सिडी देने की योजना है। अभी तक सब्सिडी की राशि सिर्फ उद्योग और सेवा के लिए दी जाती थी, मगर इस योजना में व्यवसाय को भी शामिल किया गया है। व्यवसाय को शामिल करने से लाभार्थियों का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वह आंवले से तैयार उत्पाद को अन्य जिलों और प्रांतों में बेच सकते हैं।  


जिला उद्योग केंद्र से संचालित योजना के लिए जिले से 20 लाभार्थियों का चयन किया जाना था, मगर विभाग ने सावधानी बरतते हुए 27 लाभार्थियों का चयन कर लिया है। शासन ने लाभार्थियों को सब्सिडी के रूप में 1.20 करोड़ का बजट जारी किया है। 24 दिसंबर को गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में इन लाभार्थियों को ऋण मंजूरी का पत्र सौंपा जाएगा। हालांकि लाभार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण अभी 20 लाभार्थियों की वास्तविक संख्या को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। जिले के 32 व्यवसाइयों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था।  
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एक जनपद, एक उत्पाद योजना में एक लाभार्थी को अधिकतम 20 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। 25 लाख रुपये का ऋण लेने पर 25 प्रतिशत अधिकतम 6.25 लाख, 50 लाख तक ऋण लेने पर बीस प्रतिशत अधिकतम 6.25 लाख, 1.50 करोड़ तक कर्ज लेने पर दस प्रतिशत अधिकतम दस लाख रुपये और 1.50 से ऊपर लेने पर दस प्रतिशत अधिकतम 20 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।


जिले में कुछ ऐसे भी पेशेवर व्यवसायी हैं, जो सिर्फ सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आवेदन करते हैं। कभी पत्नी, बेटे, बेटियों और भाई के नाम फाइल तैयार करके दुकान के किरायानामे का शपथ पत्र दे देेते हैं और सब्सिडी मिलते ही व्यवसाय को बंद दिखा देते हैं। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाले खेल में वह अपना हिस्सा लेकर अलग हो जाते हैं।


एक जनपद, एक उत्पाद योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को बैंक से ऋण देने के पहले प्रशिक्षित किया जाएगा। बैंकों में प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र दिखाने के बाद ही धनराशि खाते में स्थानांतरित की जाएगी।  


एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 27 लाभार्थियों का चयन किया गया है। 24 दिसंबर को गोरखपुर में ऋण मंजूरी का पत्र सौंपा जाएगा। योजना में कहीं भी नहीं कहा गया है कि जो लोग लाभ पा चुके हैं, उनका चयन न किया जाए।
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रामजी, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र।
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