निजी बीटीसी कालेजों में प्रशिक्षण के नाम पर खेल
12,399 प्रशिक्षुओं के साथ धोखा, कागज पर दिया जा रहा प्रशिक्षण
उपस्थिति के नाम पर अभ्यर्थियों को हो रहा है शोषण, बीते वर्ष एक कालेज के खिलाफ हुआ था मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के 83 डीएलएड (डिप्लोमा इन ऐलीमेंट्री एजूकेशन) निजी संस्थानों में प्रशिक्षण के नाम पर खेल किया जा रहा है। निजी संस्थानों में प्रशिक्षित करने के लिए जिन लोगों का चयन किया गया है, वह सिर्फ कागज पर काम कर रहे हैं। जबकि बीए और एमए पास बेरोजगार लोगों से काम चलाया जा रहा है। अधिकांश कॉलेजों में न ही प्रशिक्षक हैं और न ही कोई देखने वाला है। अधिकांश संस्थानों में उपस्थिति के नाम पर अभ्यर्थियों का शोषण किया जा रहा है।
जिले में बीटीसी/डीएलएड का प्रशिक्षण मजाक बन गया है। जिले के 83 निजी सस्थानों में वर्तमान में 12,399 अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए नामांकित हैं। इसमें वर्ष 2015 में बीटीसी के लिए 1999, डीएलएड के लिए वर्ष 2017 में 5100 और वर्ष 2018 में 5300 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इन अभ्यर्थियों को न तो कोई प्रशिक्षण देने वाला है और न ही कोई मार्गदर्शन कर रहा है। निजी कालेजों का आलम यह है कि मान्यता लेने के लिए ऐसे लोगों को प्राचार्य और प्रवक्ता बना दिया, जो अन्यत्र तैनात हैं। ऐेसे में वह अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए मानदेय पर अयोग्य प्रशिक्षकों की तैनाती कर रखे हैं। जिले के अधिकांश निजी संस्थान ऐेसे हैं, जहां प्रशिक्षण देने के लिए मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। इससे अभ्यर्थी तभी आते हैं, जब संस्थान उनके मोबाइल पर मैसेज भेजता है। निजी संस्थानों में उपस्थिति और प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर शोषण किया जा रहा है। बीते वर्ष संडवाचंद्रिका विकास खंड के चौरा स्थित नागेश्वर सिंह शिक्षण संस्थान के संचालक के खिलाफ अवैध वसूली का मुकदमा डायट प्रिंसिपल ने अंतू थाने में दर्ज कराया था।
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एक भवन में चलते हैं कई कोर्स
निजी डीएलएड कालेजों ने जिला प्रशासन को चकमा देकर मान्यता हासिल कर ली है। कई संस्थान ऐसे हैं, जो एक ही भवन में कई कोर्स चलाते हैं। बीए, बीएससी, बीएड के साथ आईटीआई और पालीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे हैं। जब कोई जांच अधिकारी आता है, अन्य छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दी जाती है।
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एक साथ दो-दो कोर्स कर रहे हैं अभ्यर्थी
निजी शिक्षण संस्थानों की होशियारी देखकर प्रशिक्षण के लिए नाम लिखाने वाले अभ्यर्थी भी खाली समय का सदुपयोग करते हुए एक साथ में दो-दो कोर्स कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो उसी संस्थान में एक साथ दो-दो कोर्स में दाखिला ले रखा है। फिलहाल निजी संस्थानों को इससे मतलब नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी कमाई की चिंता रहती है।
वर्जन-------
निजी डीएलएड कालेजों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए डीएम ने एसडीएम, खंड शिक्षा अधिकारी और बाल विकास अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित करके जांच कराने का आदेश दिया है। जो संस्थान मानक के विपरीत मिलेंगे, उनकी मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।
डॉ.ओमप्रकाश मिश्र, डायट प्राचार्य।