शहर से सटे शिवसत में निर्माणाधीन सौ बेड के संयुक्त अस्पताल के निर्माण में बजट रोड़ा बन गया है। 11 करोड़ रुपये का भुगतान न होने पर ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। जबकि अभी 50 फीसदी ही काम पूरा हो सका है। वहीं, सीएमओ का कहना है कि बजट से कोई लेना देना नहीं है। निर्माण कार्य पूरा न होने पर कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
वर्ष 2019 में शहर से सटे शिवसत में 100 बेड के संयुक्त अस्पताल तैयार करने के लिए शासन ने हरी झंडी दी थी। भवन तैयार करने के लिए शासन ने 46 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत करते हुए निर्माण की जिम्मेदारी आवास विकास परिषद को दी थी। दिसंबर 2020 तक भवन तैयार कर विभाग को हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए थे। कार्यदायी संस्था के जेई विवेक मौर्य ने बताया कि तीन साल तक शासन ने बजट ही नहीं दिया। इसके चलते निर्माण कार्य ठप था। जब बजट मिला तो निर्माण कार्य शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि बार-बार पत्राचार करने पर स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 35 करोड़ की धनराशि ही दी है। जितना बजट मिला है उतने में भवन तैयार कर दिया गया है। 11 करोड़ रुपये का बजट छह माह से नहीं मिला है। इसके बावजूद 15 अक्तूबर के पहले दो ब्लाॅक तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। बाकी बजट मिलने के बाद चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों के रहने के लिए आवास और मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए वार्ड तैयार होगा।
बजट मिला या नहीं इससे उनका कोई लेना देना नहीं। बस निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए। निर्माणाधीन संयुक्त अस्पताल का पिछले दिनों निरीक्षण किया गया था। कई कमियां मिलीं हैं। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन के पास भेजी गई है। समय सीमा बीतने के बाद भी कार्यदायी संस्था की ओर से भवन न तैयार करने के मामले में भी शासन को पत्र भेजा जा चुका है। सीएमओ डाॅ. एएन प्रसाद