कुंभ खत्म पर डॉक्टर नहीं लौटे ड्यूटी पर
सीएमओ के बार-बार पत्र लिखने के बाद भी लौटने के लिए तैयार रहीं, मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। कुंभ मेले में स्नानार्थियों की सुविधा के लिए जिले से भेजे गए 26 सरकारी डॉक्टर लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि मेला समाप्त हुए एक सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है। मेला परिसर से पंडाल तक उखड़ चुके हैं। खास बात यह है डॉक्टरों की वापसी के लिए सीएमओ उन्हें कई बार पत्र लिख चुके हैं। इधर, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान हो रहे हैं।
कुंभ मेले का आगाज 14 जनवरी को मकर संक्रांति के महापर्व से हुआ था। कल्पवासियों एवं स्नानार्थियों के इलाज के लिए कई जिलों से सरकारी डॉक्टरों की टीम लगाई गई थी। बेल्हा से भी जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी को मिलाकर कुल 26 डॉक्टरों की कुंभ मेले में ड्यूटी लगाई गई थी। चार मार्च को महाशिवरात्रि के शाही स्नान के साथ ही कुंभ मेले का समापन हो गया। कल्पवासी, श्रद्घालु व साधु-संत वापस चले गए, मगर इसके बाद भी जिले से कुंभ मेले में गए 26 डॉक्टरों की अब तक कोई खबर नहीं है। सीएमओ ने डॉक्टरों को कई बार पत्र लिखकर मूल अस्पताल में ज्वाइन करने के लिए कहा, लेकिन डाक्टरों पर इसका कोई भी असर नहीं है। वह कुंभ मेले में ड्यूटी के बहाने छुट्टी मना रहे हैं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। इलाज के लिए मरीजों को मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल व प्राइवेट अस्पतालों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
इन डॉक्टरों की कुंभ मेले में लगी थी ड्यूटी
डॉ. एससीएल द्विवेदी, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. एसके जायसवाल, डॉ. कलीम अख्तर, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. प्रकाश शर्मा, डॉ. सुनील कुमार यादव, डॉ. इश्तिक अहमद, डॉ. हसन सगीर, डॉ. नागेश्वर त्रिपाठी, डॉ.नदीम जावेद, डॉ. विवेक कुमार यादव, डॉ. अंबरीश कुमार पांडेय, डॉ. आरसी मिश्रा समेत 26 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी।
कुंभ मेले में गए चिकित्सकों को अवमुक्त करने के लिए पत्र लिखा गया है। मगर मेले से अभी तक चिकित्सक लौटकर ज्वाइन नहीं किए हैं। इसके लिए एडी को पत्र लिखा जा रहा है।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
जेल में बिगड़ी बंदी की हालत, अस्पताल में भर्ती
प्रतापगढ़। जेल में निरुद्ध एक बंदी की गुरुवार दोपहर तबियत खराब हो गई। सूचना पर जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अंतू थाना क्षेत्र के कपासी गांव निवासी महेंद्र वर्मा पुत्र शिव मूरत दुष्कर्म के आरोप में बीते दो साल से जेल में बंद है। बुधवार को उसकी सांस फूलने लगी। बंदीरक्षक उसे लेकर जेल के अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सक इमरजेंसी में भर्ती कर उसका इलाज कर रहे हैं।