प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का शुभारंभ हो गया। ज्यादातर दवाएं और वैक्सीन भी नामित एजेंसी की ओर से मुहैया करवा दिया गया है। मगर वैक्सीन को रखने के लिए मेडिकल स्टोर संचालक के पास न ही फ्रिज है और न ही मरीजों को दवा खरीदने के बाद बिल देने के लिए प्रिंटर मशीन। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन ने जांच शुरू करवा दी है।
मरीजों को सस्तेदर पर दवा उपलब्ध हो जाए। दवा के अभाव में किसी की जान न जाने पाए, इसके चलते शासन ने 23 जून को जिला व महिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का शुभारंभ कराया। जनऔषधि केंद्र खुलने लगा। जरूरी दवा और वैक्सीन भी नामित एजेंसी ने पहुंचाना शुरू कर दिया। मगर शासन की ओर से मेडिकल स्टोर खोलने के लिए रखी गई शर्त को संचालक आज तक पूरा नहीं कर सका। शासन की शर्त के मुताबिक जनऔषधि केंद्र में दवा को रखने के लिए रैक एवं काउंटर होना अनिवार्य है। मरीजों को बिल उपलब्ध करवाने के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर मशीन की व्यवस्था होनी चाहिए।
वैक्सीन को रखने के लिए फ्रिज चालू अवस्था में होना चाहिए। जन औषधि केंद्र यदि 24 घंटे खुल रहा है तो तीन फार्मासिस्टों की तैनाती होनी चाहिए। एक फार्मासिस्ट मात्र आठ घंटे ही जनऔषधि केंद्र पर बैठकर मरीजों को दवा दे सकता है। मगर प्रतापगढ़ में खुले जनऔषधि केंद्रों में रैक व काउंटर को छोड़कर बाकी अन्य कोई व्यवस्था मेडिकल स्टोर संचालक की ओर से नहीं की गई है। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन ने जांच बैठा दी है।
शासन की ओर से जांच आख्या मांगी गई है। जांच करके रिपोर्ट भेज दी जाएगी। कार्रवाई शासन स्तर से होगी।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।