आज हेड कॉन्स्टेबल मनोज कुमार मिश्रा का वीकली ऑफ है। आज न सिर पर टोपी होगी न कमर में बेल्ट। कंधे पर रायफल भी नहीं। दिनभर कानों में बजने वाले अल्फा, बीटा, गामा के बजाय पत्नी-बच्चों की मान-मनुहार और डिमांड होगी।
मनोज अकेले नहीं हैं, उनके साथ 12 और सहकर्मी हैं जो यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार साप्ताहिक छुट्टी के हकदार बनेंगे।
गोमती नगर थाने में शनिवार से साप्ताहिक छुट्टी का प्रयोग शुरू हो रहा है।
मानवाधिकारों के उल्लंघन से बार-बार होने वाली आलोचना से बचने के लिए अब उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
पुलिसवालों को दिलाई शपथ
इससे पहले गोमती नगर में तैनात पुलिसकर्मियों को छुट्टी का सदुपयोग करने के लिए डीआईजी नवनीत सिकेरा ने शपथ दिलाई।
उन्होंने वचन लिया कि सभी पुलिसकर्मी छुट्टी परिवारवालों के साथ बिताएंगे और किसी भी कीमत पर छुट्टी का दुरुपयोग नहीं करेंगे।
कर पाएंगे उत्साह से काम
डीआईजी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि ये छुट्टी सभी की कार्यशैली में उत्साह का काम करेगी। इससे अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी क्योंकि साप्ताहिक अवकाश में पुलिसकर्मी अपने निजी काम निपटाकर पूरे मन से बाकी दिनों में काम कर पायेंगे।
इस योजना के लागू होते ही पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य होगा।
साप्ताहिक छुट्टी की परंपरा शुरू होने की खबर से पुलिसकर्मियों के परिजन काफी खुश नजर आए।
उन्होंने बताया कि यह दो माह का प्रयोग है। अगर सफल रहा तो इसे पूरे प्रदेश में लागू कराने की कोशिश की होगी। पहले दिन 12 लोगों को छुट्टी दी जा रही है। एसओ अवकाश के दायरे से बाहर होंगे।