जिला अस्पताल परिसर से सात मई को बहला फुसलाकर ले जाई गई किशोरी की तलाश में पुलिस ने परिजनों के साथ एटा के नगला जमुनी में छापा मारा।
गांव में ग्रामीणों ने पुलिस टीम की पिटाई करके रिवाल्वर और राइफलें छीन लीं। यही नहीं पुलिस टीम द्वारा दबोचे गए दो युवकों सहित किशोरी को छुड़ा लिया।
काफी देर बाद छीने गए हथियार लौटा दिए। इसके बाद पुलिस टीम वापस आ गई। टीम ने अधिकारियों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है।
थाना कोतवाली निवासी एक किशोरी सात मई को गांव से जिला अस्पताल दवा लेने आई थी। जब वह घर नहीं लौटी तो परिवारीजनों ने तलाश किया।
तलाश के दौरान पता चला कि एटा के थाना जैथरा के नगला जमुनी निवासी दिनेश, सुनील और फर्रुखाबाद के थाना मेरापुर का सिवानी निवासी हरिश्चंद्र उसे बहला फुसलाकर भगा ले गए हैं।
किशोरी के पिता ने तीनों के खिलाफ 11 मई को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी उसकी पुत्री का यौन शोषण करके उसको या तो गायब कर देंगे या मार कर कहीं फेंक देंगे।
बताते हैं कि इसी बीच परिवार के लोगों को पता चला कि किशोरी को लेकर आरोपी नगला जमुनी में छिपे हैं। दो दिन पहले मामले की विवेचना कर रहे कोतवाली के एक दरोगा ने किशोरी के परिजनों और दो सिपाहियों को साथ लेकर आरोपियों की तलाश में नगला जमुनी में छापा मारा।
बताते हैं कि पुलिस टीम ने एक घर में मौजूद किशोरी और दोनों युवकों को दबोच लिया। उनके परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण एकत्रित हो गए। परिवारजनों ने ग्रामीणों की मदद से पुलिस टीम को घेर लिया और पुलिस टीम की पिटाई करके दबोचे गए तीनों लोगों को छुड़ा लिया।
इतना ही नहीं दरोगा की रिवाल्वर और सिपाहियों की राइफलें भी छीन लीं। तब पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों से काफी मनुहार की तो उन्होंने दोबारा गांव नहीं आने की हिदायत देकर हथियार लौटा दिए।
इसके बाद पुलिस टीम वापस मैनपुरी आ गई। टीम ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है। सूत्रों की मानें तो घटना के संबंध में पुलिस अभिलेखों में तस्करा डाला गया है। हालांकि पुलिस अधिकारी इस तरह की किसी भी घटना से इनकार कर रहे हैं।