पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार कर थाने के लॉकअप में डाल दिया। वह थाने में आकर चौकी इंचार्ज के सामने गिड़गिड़ाई, लेकिन लॉकअप में बंद पति के सामने ही चौकी इंचार्ज और तीन सिपाहियों ने उसकी आबरू लूट ली।
एसपी के सामने ये आरोप लगाते हुए पीड़िता ने इंसाफ की गुहार लगाई। मामला उत्तरप्रदेश के संतकबीरनगर नगर जनपद का है।
एसपी ने प्रकरण की जांच एडीशनल एसपी प्रद्युम्न सिंह को सौंप दी है। पीड़ित महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया।
बखिरा क्षेत्र की महिला का आरोप है कि उसके पति के खिलाफ बस्ती सीजेएम प्रथम कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किया था।
आरोप है कि 19 मई को चौकी इंचार्ज बखिरा शिवाजी राव ने उसके पति को गिरफ्तार किया।
उसके पति को चौकी इंचार्ज बखिरा थाने ले गए और हवालात में बंद कर दिया। उसी दिन वह रात को पति को छुड़ाने के लिए थाने पर गई थी। जहां लॉकअप में बंद पति के सामने ही उसके साथ चौकी इंचार्ज और तीन सिपाहियों ने दुष्कर्म किया।
उसके पति बुधवार की शाम को जेल से छूट कर आए तो वह पति के साथ गुरुवार की शाम को एसपी से मिली। उसने एसपी को लिखित आवेदन दिया और कार्रवाई की मांग की।
एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि महिला के पति पर बस्ती सीजेएम कोर्ट से गैर जमानती वारंट था। चौकी इंचार्ज शिवाजी राव ने आरोपी को 19 मई को पकड़ा था और 20 मई को जेल भेज दिया था।
जेल भेजे गए आरोपी की पत्नी ने चौकी इंचार्ज शिवाजी राव और तीन सिपाहियों पर लॉकअप में पति के सामने दुष्कर्म करने का आरोप मढ़ा है। घटना के तीन बाद महिला ने प्रार्थना पत्र दिया है।
प्रकरण की जांच एएसपी को सौंपी गई है। मेडिकल और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई कराई जाएगी। चौकी इंचार्ज शिवाजी राव का कहना है कि न्यायालय से आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट था।
उसी के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। महिला का आरोप बेबुनियाद है। एसओ हंजल अंसारी का कहना है कि 19 की रात में वह क्षेत्र में थे। 20 की सुबह वह थाने आए। महिला 19 की रात को थाने नहीं आई।