यूपी में नोएडा के सोरखा गांव में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन और पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
गुस्साए ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को घेरकर पथराव कर दिया, जिससे एसडीएम, सीओ समेत कई जख्मी हो गए।
भीड़ ने पुलिस की जिप्सी फूंक डाली और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने महिला एसओ और एसआई को बंधक भी बना लिया।
आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस दोनों की तरफ से हवाई फायरिंग भी की गई। डीएम और एसएसपी समेत आला अफसरों ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला।
सुबह 10:30 बजे एसडीएम (दादरी) राजेश यादव और सीओ राजेश कुमार मिश्रा, थाना-फेज दो, थाना-49 की पुलिस व राजस्व विभाग की 40 सदस्यीय टीम के साथ सोरखा गांव पहुंचे।
ग्राम समाज के तालाब की जमीन पर बनी अवैध दुकानों को टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से तोड़ना शुरू कर दिया।
दो दुकानें ही टूटी थीं कि ग्रामीणों ने घेराबंदी कर टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इनका आरोप था कि अतिक्रमण हटाने से पहले सूचना नहीं दी गई।
उग्र होती स्थिति पर काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इसी दौरान एसडीएम और सीओ भी पत्थर लगने से घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन की टीमें वहां से भाग खड़ी हुईं।
गुस्साई भीड़ से बचने के लिए महिला थानाध्यक्ष लक्ष्मी चौहान व एसआई गीता एक मकान में जाकर छिप गईं। वहां ग्रामीणों ने उन्हें घेर कर बंधक बना लिया। गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोगों ने ग्रामीणों से बातचीत करके महिला थानाध्यक्ष व एसआई को मुक्त कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम कुमार रविकांत सिंह, एसएसपी प्रितिंदर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। इस मामले में 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है।
अतिक्रमण हटाने का नोटिस पहले ही दिया जा चुका था, लेकिन उसे अनसुना करने पर कार्रवाई की गई। हिंसा फैलाने के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- प्रितिंदर सिंह, एसएसपी