जिला जेल में बंदियों को अब कुटीर उद्योग लगाकर आत्मनिर्भर बनाने की योजना बनाई है। जेल प्रशासन ने कुटीर उद्योग सहित 28 प्रस्ताव शासन को भेजे हैं।
दस दिसंबर को गांधी सभागार में जिला जज वीके मिश्रा व सह अध्यक्ष डीएम ओएन सिंह की मौजूदगी में एक बैठक हुई थी, जिसमें जिला जेल की समस्याओं से अवगत कराया गया था।
बैठक के बाद जेल प्रशासन की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्तावों में जिला जेल में कुटीर उद्योग लगाने, बंदियों के मनोरंजन के लिए डिश टीवी लगाने, कचहरी से जेल तक की सड़क की मरम्मत कराने, जिला कारागार के लिए 10 केवीए का साइलेंट जनरेटर लगवाने, जेल के अंदर व बाहर दो हाईमास्ट लाइटें लगवाने, 15 जनवरी को पीड़ित बंदियों के ऑपरेशन कराने, पैथालॉजी टेक्नीशियन उपलब्ध कराने, सजा पाए बंदियों व कैदियों का सामूहिक बीमा कराने, बंदियों को साक्षर कराने हेतु एक बीआरसी से जोड़ने और बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इच्छुक बंदियों की सूची ट्रेड बार तैयार कर 28 प्रस्तावों की सूची शासन को भेजी गई है।
जेल में कुटीर उद्योग लगाने का प्रस्ताव देकर जेल प्रशासन ने बंदियों को को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है।